रंका बाजार का प्याऊ निर्माण के बाद से ही बंद

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रंका बाजार का प्याऊ निर्माण के बाद से ही बंद

विभाग की उदासीनता से राहगीरों और दुकानदारों परेशान

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विभाग की उदासीनता से राहगीरों और दुकानदारों परेशान नंद कुमार, रंका (गढ़वा) रंका बाजार नदी पुल के पास लाखों की लागत से बना प्याऊ आज अपनी बदहाली पर रो रहा है. पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के कार्यकाल में वर्ष 2023-24 में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए लगभग पांच लाख रुपए की लागत से यह प्याऊ बनाया गया था. लेकिन उद्घाटन के बाद से आज तक इसमें एक भी बूंद पानी नहीं आयी. यह प्याऊ क्षेत्र के लोगों के लिए महज “हाथी का दांत ” साबित हो रहा है. जानकारी के अनुसार, प्याऊ में डीप बोरिंग कराई गई थी और पानी की आपूर्ति के लिए मोटर भी लगाई गई थी. दीवार पर नल भी लगे हैं ताकि राहगीर और बाजार आने वाले लोग शुद्ध पेयजल पी सकें. लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण सिस्टम कभी चालू नहीं हो पाया. अब प्याऊ तो खड़ा है, लेकिन नल सूखे पड़े हैं. स्थानीय दुकानदारों ने क्षेत्र की स्थिति पर गहरा रोष जताया है. व्यवसायी संजय कुमार सिन्हा, सुरेश प्रसाद और रामा तिवारी ने बताया कि रंका बाजार या बस स्टैंड परिसर में एक भी चापाकल चालू नहीं है. भीषण गर्मी में फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाले छोटे दुकानदार और दूर-दराज से आए राहगीर पानी के लिए परेशान होते हैं. विजय सोनी और संदीप कमलापुरी ने कहा कि पुल के पास प्याऊ का निर्माण शुरू होने पर उम्मीद जगी थी कि अब बाजार आने वालों को पानी खरीदकर नहीं पीना पड़ेगा. लेकिन सरकारी धन की इस तरह बर्बादी रंका का दुर्भाग्य है. लोगों ने मांग की है कि गर्मी के चरम से पहले प्याऊ को तुरंत दुरुस्त कर चालू किया जाए. उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जनहित में प्याऊ बनवाया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे चालू करने की जहमत नहीं उठायी. एक भी दिन राहगीरों को यहां पानी नहीं मिला.

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Akarsh Aniket

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