गढ़वा में एसडीएम साहब ने मोबाइल कारोबारियों संग पी कॉफी, धीरे से दिया सख्त निर्देश

गढ़वा में मोबाइल कारोबारियों के साथ मुलाकात करते एसडीएम साहब (बीच में) फोटो: प्रभात खबर
Garhwa News: गढ़वा में एसडीएम संजय कुमार ने “कॉफी विद एसडीएम” पहल के तहत मोबाइल कारोबारियों संग बैठक की. डेटा सुरक्षा, सेकेंड हैंड मोबाइल खरीद-बिक्री, आईएमईआई नियम और ई-वेस्ट प्रबंधन पर निर्देश दिए. कारोबारियों को पारदर्शिता से काम करने और उपभोक्ताओं की गोपनीयता बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा में प्रशासन की एक अनोखी पहल “कॉफी विद एसडीएम” के तहत बुधवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने मोबाइल विक्रेताओं और रिपेयरिंग तकनीशियनों के साथ संवादात्मक बैठक की. इस पहल का उद्देश्य मोबाइल बाजार में पारदर्शिता लाना, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना रहा. बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय मोबाइल व्यवसायी शामिल हुए और अपने अनुभव व समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं.
डिजिटल अर्थव्यवस्था में मोबाइल कारोबारी अहम
एसडीएम संजय कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में मोबाइल व्यवसायी डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल की बिक्री और मरम्मत केवल एक व्यापार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है, क्योंकि इसमें ग्राहकों का निजी डेटा जुड़ा होता है. ऐसे में ग्राहकों की गोपनीयता की रक्षा करना हर दुकानदार का कर्तव्य है.
डेटा प्राइवेसी पर सख्त निर्देश
बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी ग्राहक के मोबाइल में मौजूद फोटो, वीडियो, मैसेज या अन्य निजी जानकारी के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि डेटा सुरक्षा से समझौता करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है. इसलिए सभी व्यवसायियों को इस विषय में पूरी सतर्कता बरतनी होगी.
सेकेंड हैंड मोबाइल की खरीद-बिक्री पर सख्ती
प्रशासन ने चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए. एसडीएम ने कहा कि सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय ग्राहक का पहचान पत्र लेना और मोबाइल का आईएमईआई नंबर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा. इससे चोरी के फोन के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी और अपराध पर अंकुश लगेगा.
संचार साथी पोर्टल के उपयोग पर जोर
बैठक में ‘संचार साथी पोर्टल’ के सीईआईआर (सीईआईआर) सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी गई. एसडीएम ने कहा कि खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने के लिए इस पोर्टल का उपयोग बेहद जरूरी है. उन्होंने सभी कारोबारियों से अपील की कि वे ग्राहकों को भी इस प्रणाली के बारे में जागरूक करें, ताकि साइबर अपराधों पर रोक लगाई जा सके.
आईएमईआई टैंपरिंग पर कड़ी चेतावनी
एसडीएम संजय कुमार ने आईएमईआई नंबर के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को गंभीर अपराध बताते हुए सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा.
ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ई-वेस्ट प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा हुई. दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि खराब बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को अलग और सुरक्षित तरीके से रखें. साथ ही इन्हें अधिकृत रीसाइक्लर के माध्यम से ही निस्तारित करें. इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा.
दुकानों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
सुरक्षा के दृष्टिकोण से एसडीएम ने सभी मोबाइल दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया. इसके अलावा सिम कार्ड एक्टिवेशन के दौरान केवाईसी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया. उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल अपराध पर नियंत्रण होगा, बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा.
व्यवसायियों की समस्याएं भी सुनीं
संवाद के दौरान कई मोबाइल कारोबारियों ने स्थानीय स्तर पर अनावश्यक परेशानियों की शिकायत भी रखी. इस पर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यदि सभी व्यवसायी नियमों के तहत पारदर्शिता के साथ काम करेंगे, तो उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन ईमानदार कारोबारियों के साथ खड़ा है.
शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
एसडीएम ने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा जानबूझकर व्यवसायियों को परेशान किया जाता है, तो इसकी शिकायत सीधे उन्हें या वरीय पदाधिकारियों को की जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस पहल से प्रशासन और व्यवसायियों के बीच विश्वास मजबूत करने की कोशिश की गई.
कार्यक्रम में दिखी भागीदारी और सहयोग की भावना
इस कार्यक्रम में नित्यानंद शुक्ला, विवेक कुमार कश्यप, धीरज साहू, अमित कुमार कश्यप, राकेश कुमार, अरुण कुमार कुशवाहा, श्रेयांश जायसवाल, यश केसरी, अनमोल कश्यप, सौरभ कश्यप, उपेंद्र कुशवाहा और सुगंध प्रजापति सहित दर्जनों मोबाइल व्यवसायी और तकनीशियन शामिल हुए. सभी ने प्रशासन के साथ मिलकर काम करने और नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई.
इसे भी पढ़ें: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उग्रवाद प्रभावित चेतमा पुलिस पिकेट का किया दौरा, जवानों का बढ़ाया हौसला
पारदर्शिता और सुरक्षा की दिशा में पहल
“कॉफी विद एसडीएम” जैसी पहल गढ़वा में प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इससे न केवल मोबाइल बाजार में पारदर्शिता आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और विश्वास भी मजबूत होगा.
इसे भी पढ़ें: इलाज के दौरान जच्चा- बच्चा की मौत, पलामू डीसी ने अस्पताल को कराया सील
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










