सड़क किनारे दुकान लगाने वाले वेंडरों का खाद्य निबंधन अनिवार्य: एफएसओ

कार्यशाला. स्ट्रीट फूड वेंडरों को मिला स्वच्छता का पाठ
कार्यशाला. स्ट्रीट फूड वेंडरों को मिला स्वच्छता का पाठ
प्रतिनिधि, गढ़वाशहर के लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ खान-पान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को सदर अस्पताल के सभागार में स्ट्रीट फूड वेंडरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में वेंडरों को लोक स्वास्थ्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी की जानकारी दी गयी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री ने वेंडरों को तकनीकी मानकों की जानकारी देते हुए कहा कि व्यवसाय के दौरान हेडकैप, एप्रन और ग्लव्स पहनना अनिवार्य है. खाने की सामग्री को पैक करने के लिए अखबार या घटिया प्लास्टिक का प्रयोग न करें, केवल फूड ग्रेड मटेरियल ही इस्तेमाल करें. तलने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल को अधिकतम तीन बार ही गर्म करें, उसके बाद उसे बदल दें. भोजन में केवल स्वीकृत ””””फूड ग्रेड”””” रंगों का ही तय अनुपात में उपयोग करें. कच्चे माल और पानी की शुद्धता से कोई समझौता न करें. कार्यशाला में वेंडरों को चेताया गया कि वे कार्बाइड से पकाये फलों की बिक्री न करें. ऐसा करते पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा कार्यालय से विवेक तिवारी, संतोष कुमार सहित ट्रेनिंग एजेंसी के मदन कुमार व ओमप्रकाश मौजूद थे.
बीमारियों को आमंत्रण देता है असुरक्षित खाद्य पदार्थः डॉ केनेडी
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ केनेडी ने कहा कि असुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन सीधे तौर पर गंभीर बीमारियों को आमंत्रण देता है. वहीं, एसीएमओ डॉ आरएस सिंह ने कहा कि जिले का कोई भी स्ट्रीट फूड वेंडर बिना खाद्य पंजीकरण (लाइसेंस) के व्यवसाय संचालित न करें. उन्होंने दुकान के आसपास स्वच्छता बनाये रखने पर विशेष जोर दिया.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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