अभिषेक बनर्जी का VVIP रसूख खत्म, घर और दफ्तर की सुरक्षा घटी, अब आम आदमी की तरह होगा मूवमेंट

Abhishek Banerjee Security Removed: बंगाल चुनाव 2026 के बाद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में बड़ी कटौती की गयी है. उनके घर और दफ्तर से अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेड्स हटा दिये गये हैं. अब उनकी आवाजाही के लिए ट्रैफिक नहीं रोका जायेगा. वे सामान्य आदमी की तरह आना-जाना करेंगे.
खास बातें
Abhishek Banerjee Security Removed: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच तृणमूल कांग्रेस के दूसरे सबसे ताकतवर नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कटौती की गयी है. बुधवार सुबह कैमक स्ट्रीट स्थित उनके कार्यालय और हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास के बाहर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को हटा लिया गया.
खत्म हुआ अभिषेक का वीवीआईपी रसूख
समीक्षा के बाद सुरक्षा के लिए लगाये गये सिजर बैरिकेड्स भी हटा दिये गये. हालांकि, वे अब भी ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा में रहेंगे, लेकिन सड़क पर मिलने वाला वो ‘वीवीआईपी’ रसूख अब इतिहास की बात हो गयी है.
क्या-क्या बदला?
क्षेत्रीय सुरक्षा समीक्षा के बाद नये निर्देशों के तहत अभिषेक बनर्जी के सुरक्षा प्रोटोकॉल में कुछ बड़े बदलाव हुए हैं.
- पहले अभिषेक बनर्जी के कहीं भी जाने से पहले पुलिस की गाड़ियां मार्ग की जांच करती थीं और यातायात रोक दिया जाता था. अब सड़क से अन्य वाहनों की आवाजाही को नहीं रोका जायेगा.
- हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास के सामने फुटपाथ पर बैरिकेड्स तो रखे दिखे, लेकिन वहां तैनात रहने वाले पुलिसकर्मी अब गायब हैं.
- निर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के घरों के प्रवेश द्वार पर लगे धातु के मुड़ने वाले ‘सिजर बैरिकेड्स’ हटा लिये गये.
- घर के बाहर बना पुलिस केबिन अभी वहां मौजूद है, लेकिन वह अब पहले की तरह सुरक्षाकर्मियों से लैस नहीं है.
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Abhishek Banerjee Security Removed: ‘जेड’ श्रेणी सुरक्षा रहेगी जारी, पर रसूख में कमी
सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि अभिषेक बनर्जी की व्यक्तिगत सुरक्षा श्रेणी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उन्हें ‘जेड प्लस’ या ‘जेड’ स्तर की सुरक्षा मिलती रहेगी, लेकिन क्षेत्र प्रबंधन (Area Management) के नाम पर जो अतिरिक्त तामझाम और भारी पुलिस बल तैनात रहता था, उसे वापस बुला लिया गया है.
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बदले राजनीतिक हालात का असर?
जानकारों का मानना है कि चुनाव परिणामों के बाद प्रशासन अब नयी सरकार के गठन की तैयारी में है. ऐसे में निवर्तमान सरकार के रसूखदार नेताओं के लिए जो विशेष इंतजाम किये गये थे, उन्हें सामान्य किया जा रहा है. मंगलवार को ममता बनर्जी के घर के पास से भी सुरक्षा घेरा कम किया गया था और अब अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में यह बदलाव संकेत दे रहा है कि बंगाल की नौकरशाही ने नयी व्यवस्था के अनुसार खुद को ढालना शुरू कर दिया है.
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By Mithilesh Jha
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