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मौत के कारणों का उल्लेख जरूरी

Updated at : 19 Jul 2020 3:22 AM (IST)
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मौत के कारणों का उल्लेख जरूरी

अपर समाहर्ता प्रवीण कुमार गगराई की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आहूत की गयी. इसमें शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु का निबंधन करने और इसके प्रगति के निमित अनुश्रवण की समीक्षा की गयी. बैठक में जन्म और मृत्यु की घटना का शत-प्रतिशत ऑनलाइन निबंधन कराने का निर्णय लिया गया.

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जन्म-मृत्यु का निबंधन शत-प्रतिशत कराने का निर्णय

गढ़वा : अपर समाहर्ता प्रवीण कुमार गगराई की अध्यक्षता में शनिवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आहूत की गयी. इसमें शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु का निबंधन करने और इसके प्रगति के निमित अनुश्रवण की समीक्षा की गयी. बैठक में जन्म और मृत्यु की घटना का शत-प्रतिशत ऑनलाइन निबंधन कराने का निर्णय लिया गया.

इसके लिए बताया गया कि ऑनलाइन निबंधन सिर्फ crsorgi.gov.in सॉफ्टवेयर पर किया जाना है. वर्तमान में बहुत सारे निबंधन इकाई में प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से झारसेवा सॉफ्टवेयर व मैनुअल निबंधन भी किया जा रहा है, जिसे अब प्रज्ञा केंद्र अथवा किसी अन्य माध्यम से न करते हुए शत-प्रतिशत सिर्फ crsorgi.gov.in पर ही किया जाना अनिवार्य होगा. इस कार्य के लिए जिले में स्वास्थ्य उप केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी, अनुमंडल, नगर पंचायत व नगर परिषद आदि को मिला कर कुल 350 जन्म-मृत्यु निबंधन इकाई घोषित है.

लेकिन प्रतिवेदन के आधार पर अभी मात्र 205 जन्म-मृत्यु निबंधन इकाई कार्यरत हैं. जबकि शेष 145 निबंधन इकाई निष्क्रिय हैं. बताया गया कि इसे सक्रिय किये जाने की जरूरत है. इसके लिए अपर समाहर्ता ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. बैठक में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्र के निबंधन पंचायत सचिव व सभी घोषित चिकित्सा संस्थानों को कार्यरत करते हुए ससमय जन्म-मृत्यु निबंधन का मासिक प्रतिवेदन भेजने के लिए संबंधित विभाग से भी निर्देशित करने की आवश्यकता है.

इस दौरान स्कूलों में बिना निबंधित बच्चों का जन्म निबंधन कराने के लिए सभी प्रधानाध्यापक को पत्र लिखने का निर्देश दिया गया. चिकित्सा संस्थानों में प्रत्येक मृत्यु की घटना में मृत्यु का कारण का चिकित्सा प्रमाण-पत्र को अनिवार्य बताया गया. कहा गया कि वर्तमान में सिर्फ सदर अस्पताल गढ़वा से मृत्यु प्रमाण पत्र का प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है, जिसमें मृत्यु के कारण में प्राय: सीआर फैलियर लिखा रहता है. बैठक में इसमें सख्ती से बदलाव करते हुए इसकी जगह पर मृत्यु के अंतिम क्षण में जो बीमारी थी, उसे स्पष्ट लिखने के लिए सभी चिकित्सा संस्थानों के प्रभारी पदाधिकारी को निर्देश देने को कहा गया.

इस दौरान जन्म-मृत्यु निबंधन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने एवं इस कार्य में आनेवाली कठिनाइयों को दूर करने आदि पर चर्चा की गयी. जन्म-मृत्यु के निबंधन कराने संबंधी सूचनाओं का आमलोगों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिये जिला जनसंपर्क पदाधिकारी निर्देश दिया गया. बैठक में आम लोगों से एवं ऐसी संस्थाएं जहां जन्म-मृत्यु निबंधन का कार्य कराया जाना है, को 10 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन संबंधी कार्य पूर्ण कराने की अपील की गयी.

बैठक में गढ़वा एसडीओ प्रदीप कुमार, श्री बंशीधर नगर एसडीओ कमलेश्वर नारायण, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अर्जुन प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अरुण उरांव, जिला शिक्षा पदाधिकारी रामप्रसाद मंडल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी शांति कुमार पांडेय, जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार, सदर अस्पताल गढ़वा की डॉ रागिनी अग्रवाल आदि उपस्थित थे.

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