दाखिल-खारिज में गड़बड़ी अब नहीं चलेगी, DSP स्तर के अधिकारी करेंगे जांच, बना नया स्पेशल सेल

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Dilip Jaiswal

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल

Bihar Land Survey: बिहार सरकार ने जमीन विवाद, दाखिल-खारिज में गड़बड़ी और राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU के अधीन एक विशेष सेल काम करेगा, जो जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े, रिश्वतखोरी और विवादित मामलों की जांच करेगा.

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Bihar Land Survey: बिहार में जमीन विवाद, दाखिल-खारिज में गड़बड़ी और राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सम्राट सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने पहली बार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े मामलों की निगरानी और जांच के लिए एक स्पेशल सेल बनाया है. यह सेल आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU के अधीन काम करेगा और जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और विवादित मामलों की जांच करेगा.

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर अंचल कार्यालयों में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए बड़े फैसले ले रहे हैं. सरकार का मानना है कि इससे जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी.

दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री पर रहेगी नजर

राज्य में लंबे समय से जमीन रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, ऑनलाइन रसीद और अंचल कार्यालयों में रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं. कई जिलों में फर्जी कागजात के जरिए जमीन कब्जाने और सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री के मामले भी सामने आए हैं.

अब नए विशेष सेल के जरिए ऐसे मामलों की सीधे निगरानी की जाएगी. सरकार का कहना है कि जमीन माफिया, बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

DSP से ASI स्तर तक के अधिकारी तैनात

जानकारी के मुताबिक इस विशेष सेल में DSP स्तर से लेकर इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर और ASI स्तर तक के अधिकारियों की तैनाती की गई है. यानी यह सेल केवल कागजी जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर छापेमारी और कानूनी कार्रवाई भी करेगा.

सरकार चाहती है कि जमीन से जुड़े मामलों की जांच तेजी से हो और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए.

EOU की निगरानी में करेगा काम

यह विशेष सेल आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU के अधीन काम करेगा. माना जा रहा है कि EOU की तकनीकी जांच क्षमता और आर्थिक अपराधों की पड़ताल का अनुभव इस सेल के काम को और मजबूत बनाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे जमीन माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी.

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आम लोगों को मिलेगी राहत

सरकार का दावा है कि इस फैसले के बाद दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, ऑनलाइन रसीद और जमीन विवाद से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी. साथ ही अंचल और राजस्व कार्यालयों में फैली घूसखोरी पर भी लगाम लगेगी.

अधिकारियों का कहना है कि अब जमीन से जुड़े मामलों की निगरानी पहले से ज्यादा सख्ती से की जाएगी और शिकायत मिलने पर तुरंत जांच होगी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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