Hajipur News : गेंदा फूल की खेती से किसानों की बढ़ रही आमदनी

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खेतों से बिक्री के लिए गेंदा के फूलों को तोड़ते किसान

Hajipur News : जिले में बड़े पैमाने पर हो रही गेंदा फूल की खेती

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Hajipur News (राहुल कुमार राय) : जिले के किसान वर्तमान समय में गेंदा फूलों की खेती कर अपनी आमदनी को दुगना करने में लगे हुए है. वही धान, गेहूं के अलावा अब गेंदा फूलों की खेती वृहत पैमाने पर की जाने लगी है. गेंदा फूलों की खेती से किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी मिल रही है. गांव के अधिकतर किसान मोटे अनाज की खेती छोड़ फूलों की खेती में लग गए है. फूलों की लगातार बढ़ती मांग से किसान गेंदा की खेती कर रहे है. जिले में सबसे अधिक वैशाली, लालगंज सहित अन्य प्रखंडों में की जाती है.

खेतों में सालों भर खिलता है गेंदा का फूल

गेंदा फूलों की खेती सिर्फ त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि सालों भर गेंदा फूलों की खेती की जाती है. शादी ब्याह के सीजन में किसान फूल तोड़ने और मंडी तक पहुंचाने में व्यस्त दिखते है. खेतों के चारों ओर पीले और नारंगी गेंदा फूलों की महक से आसपास के वातावरण सुगंधित रहती है.

हाजीपुर से पटना महावीर मंदिर तक भेजे जाते हैं फूल

गौसपुर ईजरा के किसान अजय माली ने बताया कि सुबह खेतों से गेंदा फूलों को तोड़कर रोजाना फूलों की खेप पटना के महावीर मंदिर के अलावे आसपास के शहरों तक भेजी जाती है. गांव के करीब एक दर्जन परिवार सीधे तौर पर गेंदा फूल की खेती से अपनी आजीविका चला रहे है. गेंदा की खेती से होने वाली आमदनी से इन परिवारों की सभी शौक पूरी हो रही है और गांव की आर्थिक स्थिति भी सुधर रही है.

गेंदा फूलों की खेती से किसानों को मिलती है दोगुनी आय

किसानों ने बताया कि एक एकड़ गेंदा फूलों की खेती करने में करीब एक लाख रूपये की लागत आती है. जिसे बाजार में दोगुने दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते है. अभी गेंदा फूलों की बिक्री 200 रूपये प्रति कूड़ी है. एक कूड़ी में 20 पीस गेंदा का फूल रहता है.

साल में दो बार लगते हैं पौधे

बताया जा रहा है कि गेंदा फूलों की खेती साल में दो बार लगाया जाता है. सीजन का पहला खेती जनवरी-फरवरी एवं दूसरा खेती अक्टुवर-नवंबर में की जाती है. वही पौधे की बुआई के 45 से 60 दिनों में किसान फूल तोडकर लाखों रूपये कमाते है.

फूलों की खेती के लिए दिया जाता है अनुदान

गेंदा की फलों की खेती के लिए किसानों को सरकारी स्तर पर अनुदान दिया जाता है. एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए किसानों को 40 हजार रूपये अनुदान मिलता है. जिसके अनुरूप एक हेक्टेयर में 28 हजार पौधे लगते है. किसान को विभाग से ही एक रूपये प्रति पौधे की दर से गेंदा का पौधा दिया जाता है. जिसका पैसा अनुदान से काट लिया ताजा है और शेष अनुदान की 12 हजार रूपये किसानों के खाते में भेज दी जाती है.

क्या कहते है पदाधिकारी

गेंदा फूलों की खेती के लिए सरकार किसानों को अनुदान दे रही है. किसानों को अनुदान लेने के लिए बागवानी विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम किसानों के खाते में भेजी जाती है.

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युवराज रतन

लेखक के बारे में

By युवराज रतन

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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