क्षत्रियों के नहीं शोषक राजाओं के खिलाफ थे भगवान परशुराम

Author Sanjay
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क्षत्रियों के नहीं शोषक राजाओं के खिलाफ थे भगवान परशुराम

क्षत्रियों के नहीं शोषक राजाओं के खिलाफ थे भगवान परशुराम

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गढ़वा.

गढ़वा जिला परशुराम परिवार की ओर से अक्षय तृतीया के मौके पर शहर के चिनिया मोड़ के समक्ष परशुराम जयंती का आयोजन किया गया. मौके पर भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष पूजा-पाठ किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आनंद मोहन तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम क्षत्रियों के नहीं बल्कि शोषक राजाओं के खिलाफ थे. शोषक राजाओं से पृथ्वी को मुक्त कराने के लिए उन्होंने युद्ध किया था और 21 बार धरती को उनके शोषण से मुक्त कराया था. श्री तिवारी ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को भगवान परशुराम की अराधना जरूर करनी चाहिए. कार्यक्रम के बाद आम लोगों के बीच नींबू शरबत व पानी का वितरण किया गयाभगवान को जाति-धर्म के बंधन से मुक्त रखना चाहिए : मौके पर सेवानिवृत शिक्षक कमलेश्वर पांडेय ने कहा कि भगवान को जाति-धर्म के बंधन तक सीमित नहीं रखना चाहिए. भगवान परशुराम छठे अवतार थे. उनका पृथ्वी पर अवतार पृथ्वी वासियों को अत्याचारियों के शोषण से मुक्त कराने के लिए हुआ था.

उपस्थित लोग : मौके पर अश्लेश तिवारी, मुकेश दूबे, अरविंद कुमार मिश्रा, मुन्ना दूबे, मंटू दूबे, बबलू उपाध्याय, सत्येंद्र चौबे, धमेंद्र दूबे, दीपक पाठक, अवधेश चौबे, नंदलाल दूबे, ब्रजेंद्र पाठक, टुलू तिवारी, यशवंत मिश्रा, संतोष मिश्रा, बबलू दूबे, दिलिप तिवारी, रामचंद्र शुक्ला, सतीश दूबे, रामनिवास चौबे, अविनाश तिवारी, राजेंद्र तिवारी, दिग्विजय दूबे, अमलेश तिवारी, गुड्डु पांडेय, सत्येंद्र तिवारी, अविनाश चौबे व करूणानिधि तिवारी उपस्थित थे.

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