कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा में तीसरे दिन भी रही तालाबंदी

कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा में तीसरे दिन भी रही तालाबंदी
गढ़वा. कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा में संविदा कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने तालाबंदी कर दिया है. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत संविदाकर्मी व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने गुरुवार से ही ताला बंद कर दिया है. इसके बाद से शनिवार को तीसरे दिन भी सभी कर्मी कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशासनिक गेट के पास आंदोलन पर डटे रहे. आंदोलनरत कर्मियों ने बताया कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय कांके रांची के विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी सूचना 17 फरवरी को दे दी गयी थी. उसमें यह कहा गया था कि विश्वविद्यालय प्रशासन यदि आठ दिनों के अंदर 27 संविदा कर्मियों को नियमित नहीं करता है, तो बाध्य होकर वे लोग गेट में तालाबंदी कर सारे कार्य ठप कर देंगे. लेकिन इसके बाद भी बिरसा कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया. इसके बाद सभी संविदाकर्मी व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने मिलकर कृषि विज्ञान केंद्र में ताला बंद कर दिया है. कर्मियों ने बताया कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 16 सहायकों की जो बहाली की है, उनमें एक भी कृषि विज्ञान केंद्र के संविदा कर्मी अथवा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नहीं है. जबकि कृषि विज्ञान केंद्र में संविदा कर्मी पिछले 21 वर्षों से एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पिछले 12 वर्षों से नियमित रूप से सेवा दे रहे हैं. मांगें नहीं मानने पर उन्होंने आंदेालन और तेज करने की चेतावनी दी है. इस अवसर पर सियाराम पांडेय, सुनील कुमार, अनिल कुमार, राकेश रंजन चौबे व कृष्ण कुमार चौबे उपस्थित थे.
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