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एक पाठशाला खुलेगी तो कई मधुशालाएं होंगी बंदः अविनाश

Updated at : 18 Jan 2026 9:15 PM (IST)
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एक पाठशाला खुलेगी तो कई मधुशालाएं होंगी बंदः अविनाश

विजय लक्ष्मी एकेडमी स्कूल का उद्घाटन, शिक्षा को संस्कार व समावेश से जोड़ने का संकल्प

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विजय लक्ष्मी एकेडमी स्कूल का उद्घाटन, शिक्षा को संस्कार व समावेश से जोड़ने का संकल्प

प्रतिनिधि, गढ़वा

शहर के सोनपुरवा स्थित विजय लक्ष्मी एकेडमी प्ले एंड किड्स जोन स्कूल का भव्य उद्घाटन रविवार को गरिमामय वातावरण में किया गया. उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड माटी कला बोर्ड के सदस्य अविनाश देव थे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर व फीता काटकर समारोह का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पलामू की प्रथम मेयर अरूणा शंकर, सीआरपीएफ 272 बटालियन के सहायक कमांडेंट अमरेंद्र सिंह, चंचला देवी, आचार्य कौटिल्य केसरी, भाजपा नेता अलखनाथ पांडेय, चैंबर अध्यक्ष बबलू पटवा, भाजपा नेता सूरज गुप्ता आदि उपस्थित थे. मुख्य अतिथि अविनाश देव ने कहा कि विद्यालय की स्थापना जिस उद्देश्य से की गयी है, उस पर खरा उतरना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. इसके लिए योग्य और समर्पित शिक्षकों का चयन आवश्यक है, तभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी. उन्होंने कहा कि आज के एआइ के दौर में शिक्षा चुनौतीपूर्ण हो गयी है, ऐसे में शिक्षा के साथ समझ और विवेक का विकास जरूरी है. शिक्षा से धन तो कमाया जा सकता है, लेकिन जीवन को समझने के लिए गुरु का होना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि एक पाठशाला खुलेगी तो कई मधुशालाएं बंद होंगी. अविनाश देव ने कहा कि बेटियों की शिक्षा को समाज में बदलाव की कुंजी है. समारोह का संचालन वेदिका प्रकाश एवं धन्यवाद ज्ञापन ज्याोति प्रकाश ने किया. समारोह में मुरली श्याम सोनी, विभा प्रकाश, आनंद प्रकाश, प्रियंका प्रकाश, वेदिका प्रकाश, अनुज्ञा प्रकाश, वंशिका प्रकाश, नंद कुमार गुप्ता, विजय केसरी, अमित सर्राफ, अवधेश कुशवाहा, महेंद्र प्रसाद, सुशील केसरी, उमेश कश्यप, दिव्य प्रकाश केसरी, पूनम चंद कांस्यकार, ललन प्रजापति, आशीष सिंह, बुटन केसरी आदि उपस्थित थे.

शिक्षा समाज को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम : अरूणा शंकर

पलामू की पहली मेयर अरुणा शंकर ने कहा कि शिक्षा ही समाज को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है. किसी भी क्षेत्र, राज्य और देश के विकास की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर ही टिकी होती है. उन्होंने कहा कि आज के समय विद्यालयों की भूमिका केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गयी है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों को विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है.

नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी : अमरेंद्र

सीआरपीएफ 172 बटालियन के सहायक कमांडेंट अमरेंद्र सिंह ने कहा कि अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी है. बच्चों में देशप्रेम, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास का भाव विकसित करना सच्ची शिक्षा है. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के सोच को सही दिशा देनेवाला बताया.

गरीब बच्चों को देंगे नि:शुल्क शिक्षा : ज्योति केसरी ( फोटो- संबोधित करते ज्योति प्रकाश केसरी)

विद्यालय के संस्थापक ज्योति प्रकाश केसरी ने कहा कि उनका मानना है कि पैसों के लिए खड़ा किया गया शिक्षा का व्यापार देशद्रोह के समान है. उनका उद्देश्य स्कूल खोलकर लाभ कमाना नहीं, बल्कि साक्षर और स्वच्छ राष्ट्र का निर्माण करना है. उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करायी जायेगी. शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन पशुवत होता है. यह विद्यालय स्वतंत्रता सेनानी सह पूर्व विधायक लक्ष्मी केसरी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक पहल है. हर घर शिक्षित हो, यही लक्ष्य है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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