Garhwa Weather: घरों में कैद हुए लोग, 18 घंटे की बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदियां उफान पर, देखें PHOTOS

गढ़वा शहर के बीच से गुजरने वाली नदियों में आ गया है उफान. फोटो : प्रभात खबर
Garhwa Weather: पिछले कुछ दिनों तक सामान्य से कम बारिश की मार झेल रहे गढ़वा जिले में 18 घंटे की बारिश ने तबाही मचा दी है. नदियां उफान पर हैं. सड़कें जलमग्न हो गयीं हैं. लोग अपने घरों में कैद रहने के लिए विवश हैं. मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गये हैं, जिससे आवागमन बाधित हुआ है. बिजली भी ठप हो गयी है. बारिश से मची तबाही की तस्वीरें यहां देखें.
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Garhwa Very Heavy Rain News| गढ़वा, जितेंद्र सिंह : गढ़वा जिले में 2 दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. एक ओर किसानों को खरीफ की फसलों के नष्ट होने का डर सताने लगा है, तो शहरवासियों को जलजमाव, बाढ़ और बिजली आपूर्ति ठप होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यह बारिश लोगों के लिए राहत की बजाय मुसीबत बन गयी है.

दर्जनों वार्डों में सड़कें हुईं तालाब में तब्दील
नगर परिषद क्षेत्र के अधिकांश वार्डों में जल निकासी की व्यवस्था वर्षों से लचर बनी हुई है, जिसका नतीजा हर साल बरसात में सामने आता है. इस बार भी वही स्थिति है. नगर परिषद क्षेत्र के दर्जनों वार्डों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गयी हैं. जहां पक्की सड़कें नहीं हैं, वहां कीचड़ ही कीचड़ हो गया है. लोगों का पैदल चलना मुश्किल है. बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घरों में कैद होकर रह गये हैं.

नगवां में सड़क पर गिरा पेड़ और बिजली का पोल
गढ़वा शहर के नगवां वार्ड नंबर 8 में बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ और बिजली का पोल सड़क पर गिर गया. इसके कारण उक्त मार्ग से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. पोल गिरने से उस क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति ठप हो गयी है.

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Garhwa Weather: बाढ़ में फंसी गाय का किया रेस्क्यू
गढ़वा अंतरराज्यीय बस पड़ाव के समीप रामबंध तालाब के पास बाढ़ के पानी में एक गाय घिर गयी. इसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने नगर परिषद कार्यालय को दी. जानकारी मिलने पर नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से गाय का रेस्क्यू किया.

नगवां में सरस्वती नदी का पानी घर में घुसा
मूसलाधार बारिश के बाद शहर के बीच से गुजरी सरस्वती नदी पूरे उफान पर है. शहर के नगवां में शमीम टेलर्स के समीप बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. वहीं, बाढ़ का पानी कई घरों में भी घुस गया है. नदी किनारे के लोग अपना सामान समेटकर ऊंचे स्थान पर शिफ्ट हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि अब बारिश बंद नहीं हुआ, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जायेगी. इसके कारण बच्चे व बुजुर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

चिनिया रोड के शिव मंदिर में घुसा पानी
शहर के चिनिया रोड स्थित शिव मंदिर के आसपास तालाब जैसे हालात बन गये हैं. बारिश का पानी मंदिर के अंदर भर गया है और बारिश नहीं रुकी, तो मंदिर के अंदर स्थापित शिवलिंग पूरी तरह से डूब जायेगा. इस मुहल्ले के लोगों को 4 फीट पानी से होकर सड़क पर आना पड़ रहा है. बच्चे स्कूल नहीं जा सके और महिलाएं मंदिर नहीं जा सकीं.

प्रशासन अलर्ट पर, मगर स्थायी समाधान की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल की तरह इस साल भी जलजमाव और बाढ़ ने शहर की पोल खोल दी है. अगर समय रहते बारिश नहीं थमी और प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाये, तो स्थिति और बिगड़ सकती है. इधर, जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल निगरानी और आपात सहायता के लिए टीमें सक्रिय हो गयीं हैं, लेकिन जब तक ड्रेनेज सिस्टम और नदी तटबंधों की मजबूत व्यवस्था नहीं होती, तब तक हर साल की यह बारिश गढ़वा के लिए आपदा बनती रहेगी.

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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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