गढ़वा के रमकंडा में रामनवमी जुलूस के दौरान फिर बढ़ा तनाव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

Updated at : 27 Mar 2026 11:15 AM (IST)
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Garhwa Ram Navami Clash

गढ़वा के रमकंडा पहुंचे पलामू प्रक्षेत्र‌ के डीआईजी किशोर कौशल. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa Ram Navami Clash: गढ़वा के रमकंडा में रामनवमी जुलूस के दौरान दो पक्षों में तनाव बढ़ गया. पथराव की घटना के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. कई लोग घायल हुए हैं. क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

Garhwa Ram Navami Clash: झारखंड के गढ़व्ज्ञ जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. बुधवार को शुरू हुआ विवाद गुरुवार की शाम अचानक फिर से गहरा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

शिव चबूतरा के पास आमना-सामना बना विवाद की वजह

जानकारी के अनुसार, रामनवमी की अष्टमी पर निकाला गया जुलूस जब कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास पहुंचा. तभी दो पक्ष आमने-सामने आ गए. दूसरे पक्ष के विरोध के चलते जुलूस रुक गया और माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता चला गया. कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद पथराव शुरू हो गया.

पथराव में कई लोग घायल

इस घटना में हिंदू समुदाय के कुछ लोगों को चोटें आई हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए पथराव से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है. स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया.

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने तीन आंसू गैस के गोले दागे. इसके बाद जुलूस को वापस लौटना पड़ा. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए माहौल शांत हुआ, लेकिन तनाव बना रहा.

पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

रंका इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की. उन्होंने माइक के जरिए लोगों से अपील की कि वे घटनास्थल से हट जाएं और शांति व्यवस्था बनाए रखें. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी.

पहले भी हो चुका है विवाद

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले बुधवार की शाम भी इसी स्थान पर महावीर पताका स्थापित करने को लेकर विवाद हुआ था. इस विवाद के विरोध में गुरुवार सुबह करीब छह घंटे तक सड़क जाम रहा था. प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को हटाया था, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई थी.

फिर गरमाया माहौल, बढ़ी संवेदनशीलता

हालांकि शाम होते-होते जब दोबारा जुलूस निकाला गया, तो माहौल फिर से बिगड़ गया. प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हो सका. वर्तमान में पूरे क्षेत्र को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप

घटना के दौरान एक और चिंताजनक पहलू सामने आया. मौके पर कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस का व्यवहार मर्यादित नहीं रहा. आरोप है कि पुलिस ने एक पत्रकार पर लाठी भी चलाई, जबकि उन्होंने अपना परिचय दिया था. इस घटना को लेकर मीडिया जगत में नाराजगी देखी जा रही है.

प्रशासन की सख्त अपील

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

उपद्रवियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच कर रही है.

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स्थिति पर बनी हुई है नजर

फिलहाल रमकंडा और आसपास के इलाकों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है. प्रशासन स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. लोगों से भी संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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