पांच से 12 जनवरी तक आयोजित जागरूगता कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधि, भवनाथपुर नालसा एवं डीएलएसए के संयुक्त तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा मनोज कुमार तथा सचिव निभा रंजन लकड़ा के निर्देशानुसार नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम 5 जनवरी से 12 जनवरी तक पूरे देश में एक साथ संचालित किया गया, जिसका समापन युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर भवनाथपुर प्रखंड के मकरी स्थित निमियाडीह गांव में किया गया. नालसा द्वारा चलाये गये इस नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) के माध्यम से जिले के प्रत्येक गांव में जाकर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये. इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गयी तथा नुक्कड़ स्लोगन एवं उदाहरणों के माध्यम से उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम में बताया गया कि आज भारत में लगभग 10 करोड़ से 15 करोड़ लोग नशे की चपेट में हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. मादक पदार्थों के सेवन से बचने के लिए सबसे पहले अपने घर, मोहल्ले एवं गांव स्तर पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है. आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशे को जड़ से समाप्त करने हेतु आपसी सहयोग जरूरी है. साथ ही समय-समय पर शिविर आयोजित कर लोगों को नशे के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया. कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गयी कि समाज में यदि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो नशा मुक्ति केंद्रों में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जहां किसी प्रकार की राशि नहीं ली जाती और नशे की लत से व्यक्ति की जान व जीवन बचाया जा सकता है. इस अवसर पर उपस्थित पांच सदस्यीय पीएलवी टीम में अरविंद कुमार तिवारी, साहिना परवीन, पिंटू कुमार, सविता कुमारी एवं रामदास राम शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग विषयों पर ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी प्रदान की.
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