16 हजार से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण परिवार बना हरियाली की मिसाल

Published by :Akarsh Aniket
Published at :21 Apr 2026 10:00 PM (IST)
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16 हजार से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण परिवार बना हरियाली की मिसाल

पर्यावरण परिवार ने 10 हजार से अधिक पौधों को किया है संरक्षित

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पर्यावरण परिवार ने 10 हजार से अधिक पौधों को किया है संरक्षित

जितेंद्र सिंह, गढ़वा

विश्व अर्थ दिवस के अवसर पर जहां पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चिंतन कर रही है, वहीं गढ़वा का ‘पर्यावरण परिवार’ बीते एक दशक से इस दिशा में लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है. यह स्वैच्छिक समूह अब तक जिले में 16 हजार से अधिक पौधे लगा चुका है और करीब 10 हजार पौधों को संरक्षित किया है, जिसमें 300 से अधिक पौधे पूर्ण विकसित वृक्ष का रूप ले चुके हैं. पर्यावरण परिवार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, प्लास्टिक उन्मूलन और पौधरोपण के प्रति जागरूकता फैलाना है. इसके लिए समूह समय-समय पर विचार गोष्ठी, परिचर्चा, जागरूकता अभियान और रैलियों का आयोजन करता है. खास बात यह है कि यह कोई पंजीकृत संस्था नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों का स्वप्रेरित समूह है, जिसमें शिक्षक, सरकारी कर्मचारी और आम नागरिक शामिल हैं. इस समूह के संयोजक नितिन कुमार तिवारी हैं. समूह के सदस्य अपने कार्यों के लिए किसी प्रकार की सरकारी या बाहरी आर्थिक सहायता नहीं लेते. वे आपसी सहयोग से चंदा एकत्रित कर गढ़वा एवं आसपास के क्षेत्रों सहित छत्तीसगढ़ से पौधे मंगवाते हैं और उनका रोपण करते हैं. गढ़वा टाउन हॉल मैदान, सदर अस्पताल परिसर और सूरत पांडेय डिग्री कॉलेज जैसे स्थानों पर लगाये गये सैकड़ों पौधे अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं, जो आने वाले समय में पर्यावरण संतुलन बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे. पर्यावरण परिवार की ओर से पौधरोपण के लिए उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां बाउंड्री और पानी की समुचित व्यवस्था हो, जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल परिसर, पंचायत भवन, पार्क और मंदिर परिसर. वहीं, खुली जगहों पर भी गैबियन संरचना बनाकर पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है. समूह मुख्य रूप से पीपल, बरगद, नीम, आम, आंवला, अशोक, अर्जुन, कदंब, अमलतास, कचनार और बांस जैसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाता है.

2015 में हुई थी पर्यावरण परिवार की शुरुआत

पर्यावरण परिवार की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, जब कुछ जागरूक लोगों ने शहरवासियों को अपने घरों के आसपास सोखता बनाने के लिए प्रेरित किया. धीरे-धीरे यह पहल जनआंदोलन में बदल गयी और आज इसमें 100 से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़ चुके हैं. समूह का लक्ष्य हर वर्ष कम से कम 2000 पौधे लगाने का है और साथ ही लगाये गये पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. यही कारण है कि ‘पर्यावरण परिवार’ आज गढ़वा में पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत पहचान बन चुका है और शहर को हरियाली की राह पर आगे बढ़ा रहा है.

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