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डीलर द्वारा कम राशन देने की पुष्टि, होगी कार्रवाई

Updated at : 18 Apr 2025 8:55 PM (IST)
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डीलर द्वारा कम राशन देने की पुष्टि, होगी कार्रवाई

डीलर द्वारा कम राशन देने की पुष्टि, होगी कार्रवाई

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गढ़वा.

अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने मेराल प्रखंड के चरका पत्थर पूर्वी के राशन डीलर संजय प्रसाद गुप्ता की राशन दुकान की जांच की. इस दौरान राशन वितरण का कार्य किया जा रहा था. जब राशन ले चुके लोगों के थैलों व बोरियों को तौला गया, तो 35 की वजह 33 किलो वजन पाया गया. लाभुकों ने बताया कि उन्हें हर बार 35 के स्थान पर 33 किलो ही राशन दिया जाता है. पर डर से वे कहीं नहीं बोलते हैं. इस पर डीलर संजय प्रसाद गुप्ता से पूछा गया, तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि हां वह एक-दो किलो कम राशन इसलिए देते हैं क्योंकि उन्हें भी गोदाम से ही कम वजन का बोरा मिलता है. पर डीलर की उक्त बात मौके पर ही झूठी साबित हो गयी, जब गोदाम से मिले बोरों को वहीं तौलवाया गया. सभी बोरे का वजन लगभग 50.5 किलो (बोरा सहित) पाया गया. इस घटतोली के मामले को एसडीएम ने गंभीरता से लेते हुए राशन डीलर को फटकार लगायी कि गरीबों के निवाला में सेंध लगाने का मामला क्षमा की परिधि से बाहर है. यह न केवल अनैतिक है बल्कि आपराधिक मामला है. एसडीओ ने बताया कि डीलर के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है.

सरकारी शराब दुकान में अधिक कीमत लेने पर भड़के एसडीओलगातार मिल रही शिकायतों के आलोक में शुक्रवार को एसडीओ ने मेराल स्थित एक सरकारी शराब दुकान का गोपनीय तरीके से निरीक्षण किया. इस दौरान देखा कि दुकान के कर्मी ग्राहकों से बोतल पर मुद्रित दर से 10- 20 रु अधिक ले रहे हैं. उन्होंने खड़े होकर कर्मियों और ग्राहकों के बीच इस अतिरिक्त शुल्क को लेकर नोक-झोंक और गहमा-गहमी भी सुनी. इसके बाद उन्होंने दुकान कर्मियों को अपना परिचय देते हुए उनसे पूछा कि वे अतिरिक्त चार्ज क्यों ले रहे हैं और यह अतिरिक्त राशि कहां जाती है.

अपने लिए वसूलते हैं अतिरिक्त राशि : दुकान पर मौजूद कर्मी पवन कुमार, कृष्ण मुरारी दुबे व छोटू गुप्ता ने बताया कि वे केएस प्लेसमेंट कंपनी की ओर से कार्यरत हैं. उक्त राशि वे अपना खर्च निकालने के लिए वसूलते हैं. इस पर उन्हें सख्त हिदायत दी गयी कि उनकी इस करतूत से सरकार का नाम खराब होता है, क्योंकि यह दुकान सरकारी दुकान है.

डीसी व अधिकारियों को देंगे रिपोर्ट : एसडीओ ने कहा कि वह इस औचक जांच का लिखित प्रतिवेदन दोषियों पर कार्रवाई की अनुशंसा के साथ उपायुक्त एवं अन्य विभागीय पदाधिकारियों को भी दे रहे हैं. एसडीओ ने बताया कि उक्त सरकारी शराब दुकान के बाहर शराब दुकान से संबंधित न कोई बैनर या बोर्ड दिखा और न ही कोई मूल्य तालिका मिली.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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