आवास योजना की राशि लेकर घर न बनाने वाले लाभुकों पर अब गिरेगा गाज, नीलाम पत्र वाद दायर
कांडी प्रखंड में प्रधानमंत्री और अबुआ आवास योजना की राशि लेकर घर न बनाने वाले 281 लाभुकों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा, नीलाम पत्र वाद दायर कर होगी वसूली।
कांडी से उपेंद्र नारायण द्विवेदी की रिपोर्ट कांडी (गढ़वा) : कांडी प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास एवं अबुआ आवास योजना की राशि लेकर घर न बनाने वाले 281 लाभुकों पर गाज गिरनी तय हो गई है. सरकारी राशि प्राप्त करने के बाद भी लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू या पूरा न कराने वाले इन लाभुकों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नीलाम पत्र वाद दायर करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. आवास निर्माण में छह माह से लेकर एक वर्ष से अधिक समय से कोई प्रगति न होने को प्रखंड प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है.
कई बार नोटिस देने के बाद भी नहीं चेते लाभुक
मामले की जानकारी देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी राकेश सहाय ने बताया कि कई लाभुक सरकारी राशि का उठाव करने के बाद भी मकान बनाने में रुचि नहीं दिखा रहे थे. ऐसे लाभुकों को पूर्व में कई बार प्रशासनिक नोटिस जारी कर निर्माण कार्य पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार या अपेक्षित प्रगति न दिखने पर अब नीलाम पत्र वाद दायर करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
ये भी पढ़ें: Student Silent March: हाथों में फूल, लेकिन जुबां रही खामोश, रांची में छात्रों ने निकाला साइलेंट मार्च
पुलिस द्वारा भी भेजी गई थी अंतिम चेतावनी
बीडीओ ने स्पष्ट किया कि कई लाभुकों को स्थानीय थाना के माध्यम से भी अंतिम चेतावनी नोटिस तामील कराया गया था. नोटिस में साफ कहा गया था कि सरकारी राशि प्राप्त कर आवास न बनाना वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वालों पर प्राथमिकी समेत अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. इसके बाद भी कई लाभुकों ने विषय की गंभीरता को नहीं समझा.
ये भी पढ़ें: झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू, 14 अगस्त को आएगी मेरिट लिस्ट
अब होगी सरकारी राशि की वसूली
प्रशासन के अनुसार, शुरुआत में लाभुकों को समझाने, नोटिस देने और निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए हर संभव प्रेरित किया गया. लेकिन सभी प्रयासों के विफल रहने और निर्माण कार्य लगातार लंबित रहने के बाद अब नीलाम पत्र वाद दायर कर सरकारी राशि की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










