तीन साल से जांच में उलझी दो योजनाएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :30 May 2017 9:00 AM (IST)
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गढ़वा : गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में डेढ़ करोड़ की लागत से तीन साल पूर्व स्वीकृत डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से दो महत्वपूर्ण योजनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रशासनिक जांच के दाव-पेंच में उलझ कर रह गया है. इन योजनाओं में पालिका परिवहन पड़ाव व शहीद नीलांबर नगर भवन शामिल है. समाचार के अनुसार […]
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गढ़वा : गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में डेढ़ करोड़ की लागत से तीन साल पूर्व स्वीकृत डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से दो महत्वपूर्ण योजनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रशासनिक जांच के दाव-पेंच में उलझ कर रह गया है. इन योजनाओं में पालिका परिवहन पड़ाव व शहीद नीलांबर नगर भवन शामिल है.
समाचार के अनुसार गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में 76 लाख रुपये की लागत से सोनपुरवा पालिका परिवहन पड़ाव के जीर्णोद्धार का कार्य स्वीकृत हुआ था. वहीं शहर के बीचों बीच स्थित शहीद नीलांबर नगर भवन के जीर्णोद्धार के लिए 79 लाख रुपये स्वीकृत किये गये थे. काम शुरू होने के बाद इन दोनों योजनाओं में गड़बड़ी के लगाये गये आरोपों के आलोक में उपायुक्त गढ़वा ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया.
इसके प्रमुख तत्कालीन आइएएस अधिकारी सुशांत गौरव को बनाया गया. जांच कमेटी ने मामले के विस्तृत जांच कर इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी, जिसे उपायुक्त ने नगर विकास विभाग को भेजा. जांच से पूर्व इन दोनों योजनाओं में 13 लाख रुपये खर्च किए जा चुके थे. तीन साल बीत जाने के बाद पालिका परिवहन परिवहन पड़ाव एवं शहीद नीलांबर नगर भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है. बताया जाता है कि तीन साल पूर्व दोनों कार्यों के लिए किये गए एकरारनामा को रद्द कर दिया गया और दोनों योजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए री-टेंडर करने का निर्देश दिया गया.
दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है बस पड़ाव
गढवा नगर परिषद क्षेत्र सोनपुरवा में स्थित पालिका परिवहन बस पड़ाव जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया है. इस पड़ाव से झारखंड समेत चार राज्यों के लिए यात्री बसें चलती है. इनमें समीपवर्ती राज्य छत्तीसगढ़, बिहार व उत्तर प्रदेश शामिल है. इस बस पड़ाव से गढ़वा नगर परिषद को लाखों रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती है.
जीर्ण-शीर्ण अवस्था में खड़ा है नगर भवन
शहर का इकलौता नगर भवन तीन साल से है जीर्ण-शीर्ण अवस्था मे खड़ा सरकार के नुमाइंदे व जिला प्रशासन को मुंह चिढ रहा है. इस नगर भवन में जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है, इसमें जिला प्रशासन द्वारा भी कार्यक्रम किए जाते हैं. लेकिन इसके रिनोवेशन में गड़बड़ी के आरोप के बाद इसका कार्य प्रशासनिक जांच के दाव -पेंच में उलझ कर रह गया है. इस नगर भवन से भी गढ़वा नगर परिषद को राजस्व मिलते हैं, जो तीन साल से बंद है.
एक माह में निविदा निकाली जायेगी
पिंकी केसरी गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष पिंकी केसरी ने इस बाबत पूछे जाने पर कहा कि कुछ विकास विरोधी तत्वों द्वारा इन दोनों कामों में व्यवधान उत्पन्न किया गया. नगर विकास विभाग के निर्देश पर इन दोनों योजनाओं का री-टेंडर कराया जायेगा. इसके लिए ९० प्रतिशत प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि एक महीने में दोनों योजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए पुनः निविदा निकाली जायेगी.
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