सोन व कोयल के कटाव से बचाव के लिए बनेगा तटबंध
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Sep 2016 6:00 AM (IST)
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कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में नदी तट का किया गया निरीक्षण फिलहाल मोखापी से सुंडीपुर व सुंडीपुर से श्रीनगर तक का किया गया निरीक्षण कांडी : सोन व कोयल नदी से लगातार हो रहे बड़े पैमाने पर भूमि के कटाव की रोकथाम को लेकर तटबंध निर्माण के लिए अभियंताओं की एक टीम ने यहां निरीक्षण […]
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कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में नदी तट का किया गया निरीक्षण
फिलहाल मोखापी से सुंडीपुर व सुंडीपुर से श्रीनगर तक का किया गया निरीक्षण
कांडी : सोन व कोयल नदी से लगातार हो रहे बड़े पैमाने पर भूमि के कटाव की रोकथाम को लेकर तटबंध निर्माण के लिए अभियंताओं की एक टीम ने यहां निरीक्षण किया़ सिंचाई विभाग गढ़वा के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयी अभियंताओं की टीम ने कांडी प्रखंड अंतर्गत
मोखापी से सुंडीपुर तक कोयल नदी व सुंडीपुर से श्रीनगर तक सोन नदी का निरीक्षण किया़इस दौरान कार्यपालक अभियंता श्री सिंह ने कहा कि कोयल व सोन नदी के तट पर काफी उपजाऊ भूमि है. इसका लगातार हो रहे कटाव को रोकने के लिए तटबंध का निर्माण जरूरी है़
उन्होंने कहा कि अगले चरण में तकनीकी अधिकारियों की एक टीम द्वारा यहां लेबलिंग किया जायेगा़ केंद्रीय टीम भी स्थल का जांच करेगी़ कार्यपालक अभियंता ने कहा कि तटबंध के नीचे की चौड़ाई 50 फीट, ऊंचाई 15 फीट व ऊपर की चौड़ाई 13 फीट होगी़ इसके ऊपर सड़क का निर्माण कराया जायेगा़ इससे संरचना के रख-रखाव एवं बाढ़ में सड़क सहायक सिद्ध होगा़ उन्होंने कहा कि यदि तटबंध की लागत 30 करोड़ तक आती है, तो जिलास्तर पर ही इसकी स्वीकृति मिल जायेगी़ सबकुछ सामान्य रहा तो एक साल में तटबंध का निर्माण शुरू हो सकता है़ मौके पर सहायक अभियंता अमीरा सोरेन, कनीय अभियंता राजेश कुमार, संजय तिर्की के साथ बीस सूत्री अध्यक्ष रामलला दुबे, भाजपा अध्यक्ष पप्पू पांडेय, दिनेश पांडेय अन्य लोग भी उपस्थित थे़
क्यों जरूरी है तटबंध
कोयल व सोन के किनारे की भूमि का बड़े पैमाने पर कटाव हो रहा है़ पूरब से कोयल व उत्तर से सोन नदी से घिरे सुंडीपुर गांव का अस्तित्व खतरे में आ गया है़ कटाव के कारण सुंडीपुर का पूरब में कोयल नदी में आधा किमी व उत्तर में तीन किमी सोन में समा चुका है़
वहीं सोनपुरा गांव का उपजाऊ धान का खेत भदुआ सोनतट से चार किमी दूर बीच धारा में समा चुका है़ यही स्थिति अन्य गांवों की भी है़ यदि तटबंध का निर्माण हो जाता है, तो उपजाऊ के लिए मशहूर हेठार क्षेत्र नदी में समाहित होने से बच जायेगा़ इस मौके पर उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने तटबंध निर्माण को लेकर निरीक्षण करने पर रघुवर सरकार, स्थानीय प्रशासन एवं मीडिया को श्रेय देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है़
मझिआंव में भी हो रहा है कटाव
कोयल नदी के किनारे बसे करीब 15 किमी तक मझिआंव प्रखंड में भी लगातार भूमि का कटाव हो रहा है़ इसको देखते हुए पूर्व से ही मझिआंव प्रखंड के बकोइया गांव से लेकर कांडी प्रखंड के सुंडीपुर तक तटबंध निर्माण की मांग की जाती रही है़ यदि तटबंध को लेकर सरकार इसी तरह गंभीर रही तो तटबंध के निर्माण की लंबाई को बकोइया गांव तक विस्तार करना पड़ेगा़
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