दानरो पर तीन करोड़ से बना चेकडैम टूटा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Sep 2016 7:46 AM (IST)
विज्ञापन

गढ़वा शहरी क्षेत्र में जल संरक्षण के उद्देश्य से गढ़वा नगर परिषद के प्रयास से सिंचाई विभाग ने किया था चेकडैम का निर्माण गढ़वा : गढ़वा शहरी क्षेत्र में जलस्तर को मेंटेन करने के उद्देश्य से तीन साल पूर्व सिंचाई विभाग ने तीन करोड़ की लागत से दानरो नदी पर बना चेकडैम इस साल बारिश […]
विज्ञापन
गढ़वा शहरी क्षेत्र में जल संरक्षण के उद्देश्य से गढ़वा नगर परिषद के प्रयास से सिंचाई विभाग ने किया था चेकडैम का निर्माण
गढ़वा : गढ़वा शहरी क्षेत्र में जलस्तर को मेंटेन करने के उद्देश्य से तीन साल पूर्व सिंचाई विभाग ने तीन करोड़ की लागत से दानरो नदी पर बना चेकडैम इस साल बारिश में ध्वस्त हो गया़ चेकडैम को बनाने को लेकर लंबी राजनीति हुई थी और काफी जद्दोजहद के बाद इसे बनाया गया था़
लेकिन इसके टूटने और गुणवत्ता को लेकर नेताओं की चुप्पी लोगों की समझ से परे है़ उल्लेखनीय है कि तीन साल पूर्व वर्ष 2012-2013 में गढ़वा नगर परिषद के प्रयास से सिंचाई विभाग ने इसका निर्माण कराया था़ इसके निर्माण काल में ही इसके गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे़
आखिर यह चेकडैम टूट ही गया़ लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि चेकडैम के बह जाने के बाद कहीं से कोई राजनीतिक शोर-शराबा नहीं सुनने को मिली़ आखिर सरकार के तीन करोड़ की राशि के इस तरह पानी में बह जाना सरकारी व्यवस्था पर पूरी तरह से सवाल खड़े करते है़ं लेकिन राजनीतिक दलों सहित नागरिकों की चुप्पी समझ से परे है़
स्थल को लेकर विवाद था
चेकडैम के निर्माण को लेकर नगर परिषद व नेताओं में काफी विवाद हुआ था़ इसके निर्माण को लेकर सर्वप्रथम कल्याणुपर पुलिस लाइन के समीप बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था़ इसके बाद इसका निर्माण सहिजना छठ घाट के
समीप कराने की बात सामने आयी, लेकिन अंतत: इसका निर्माण सोनपुरवा में बनाया गया़
सोनुपरवा में बनाने से नाराज थे टंडवा के लोग
सोनुपरवा में चेकडैम के निर्माण के बाद नदी के उस पार टंडवा के लोग नाराज थे़ इसका कारण था कि इससे उन्हें कोई खास लाभ नहीं मिल रहा था और उन्हें गढ़वा शहर आने के लिए दो किमी का फेरा लगाकर आना पड़ रहा था़ इसके नहीं रहने से वे नदी पार कर शहर में प्रवेश कर जाते थे़ इसके विरोध में वहां के लोगों ने आंदोलन भी किया था़
तब चिल्लाये थे, अब हैं चुप
चेकडैम के निर्माण को लेकर जितनी हाय तौबा मची थी, इसके टूटने पर उससे कहीं अधिक सन्नाटा पसरा हुआ है़ नेताओं को टूटे हुए इस चेकडैम में कोई मुद्दा ही नजर नहीं आ रहा है और जब मुद्दा ही नहीं है, तो इसके बारे में बोलने से उन्हें कोई लाभ भी नहीं मिलनेवाला है़
सरकार ने जनहित में जल संरक्षण को लेकर तीन करोड़ रुपये इसके निर्माण में खर्च किया, लेकिन इसका कोई लाभ शहरी क्षेत्र में जल संरक्षण के मामले में नहीं मिला और उक्त राशि पानी में बह गया़
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




