अस्तित्व संकट से जूझ रहे हैं जिले के जंगल

Updated at :16 Jul 2013 1:56 PM
विज्ञापन
अस्तित्व संकट से जूझ रहे हैं जिले के जंगल

गढ़वा : जंगल के लिए मशहूर गढ़वा जिला तेजी से जंगल विहीन होने की दिशा में अग्रसर है. जिले के कई प्रखंडों में तो जंगलों का अस्तित्व काफी वर्ष पहले ही समाप्त हो गया है. लेकिन जिन प्रखंडों के कुछ इलाके में अभी कुछ जंगल बचे हुए हैं, वहां भी तेजी से वनों की कटाई […]

विज्ञापन

गढ़वा : जंगल के लिए मशहूर गढ़वा जिला तेजी से जंगल विहीन होने की दिशा में अग्रसर है. जिले के कई प्रखंडों में तो जंगलों का अस्तित्व काफी वर्ष पहले ही समाप्त हो गया है. लेकिन जिन प्रखंडों के कुछ इलाके में अभी कुछ जंगल बचे हुए हैं, वहां भी तेजी से वनों की कटाई जारी है.

वन विभाग और उसका पूरा नेटवर्क तथा ग्रामीणों को लेकर बनायी गयी वन सुरक्षा समिति सब इस मामले में पूरी तरह से अनुपयोगी साबित हो रहे हैं. एक तरफ वन विभाग प्रतिवर्ष वन को फिर से आबाद करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर पौधारोपण कर रहा है. दूसरी ओर जंगल में तैयार कीमती लकड़ी धड़ल्ले से वन माफिया काट कर उसे ढो रहे हैं.

लकड़ी कटाई के खिलाफ वन एवं पर्यावरण विभाग ने इतने सख्त कानून बनाये हैं, लेकिन वन माफियाओं के आगे यह सब कानून बेकार साबित हो रहा है. स्थिति यह बनती जा रही है कि छत्तीसगढ़ एवं यूपी की सीमा से सटे जिले के कुछ प्रखंडों में अभी जो कुछ वन दिख रहे हैं. कुछ दिनों में उसका अस्तित्व भी समाप्त हो जायेगा.

इसके कारण आनेवाली पीढ़ी के लिए जंगल के नाम पर कुछ नहीं बच पायेगा. इस क्रम में जिले के प्रखंडों में वन की स्थिति पर रिपोर्ट प्रकाशित कर उसकी स्थिति को सरकार व आम लोगों के सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola