जिले की पंचायतों में ढूंढे नहीं मिलते हैं ममता वाहन

Updated at :16 Jul 2013 1:54 PM
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जिले की पंचायतों में ढूंढे नहीं मिलते हैं ममता वाहन

गढ़वा : वर्ष 2011 में शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के उद्देश्य को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अजर्न मुंडा के कार्यकाल में पूरे राज्य में एक योजना शुरू की गयी थी. सुरक्षित प्रसव कराने के लिए ममता वाहन कॉल सेंटर खोलने की योजना ली गयी थी. इसके तहत हर जिले में ममता वाहन का एक […]

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गढ़वा : वर्ष 2011 में शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के उद्देश्य को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अजर्न मुंडा के कार्यकाल में पूरे राज्य में एक योजना शुरू की गयी थी. सुरक्षित प्रसव कराने के लिए ममता वाहन कॉल सेंटर खोलने की योजना ली गयी थी. इसके तहत हर जिले में ममता वाहन का एक कॉल सेंटर खोला जाना था.

हर पंचायत में तीन ममता वाहन रखा जाना था. इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जिला कॉल सेंटर से जोड़ा जाना था. इसके लिए प्रति वाहन का किराया नौ रुपये प्रति किमी तय किया गया है.
– जितेंद्र सिंह –

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