साढ़े चार घंटे तक जाम रहा बिशुनपुरा
Updated at : 30 May 2019 1:02 AM (IST)
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बिजली की अनियमितता के खिलाफ दिया धरना तीन घंटे नियमित बिजली देने के एसडीओ के आश्वासन पर टूटा जाम बिशुनपुरा : प्रखंड में लगातार बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था के खिलाफ लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग सड़क पर उतर गये. बुधवार को सुबह सात बजे से ही लोग घरों से निकलकर बिजली की […]
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बिजली की अनियमितता के खिलाफ दिया धरना
तीन घंटे नियमित बिजली देने के एसडीओ के आश्वासन पर टूटा जाम
बिशुनपुरा : प्रखंड में लगातार बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था के खिलाफ लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग सड़क पर उतर गये. बुधवार को सुबह सात बजे से ही लोग घरों से निकलकर बिजली की मांग को लेकर बिशुनपुरा अपर बाजार में सड़क को जाम कर दिया. जिसके कारण विशुनपुरा और आसपास के लोगों का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया. बिशुनपुरा से होकर रमना, श्रीबंशीधर नगर, मझिआंव, बरडीहा आदि विभिन्न क्षेत्रों में जाने वाले वाहन का आवागमन ठप हो गया.
इस भीषण गर्मी में यात्री साढ़े चार घंटे तक जहां-तहां फंसे रहे. सबसे अधिक परेशानी बराती वाहन को हुई. दूर दराज के क्षेत्रों में जानेवाले यात्री ज्यादा परेशान हुए. सड़क जाम के करीब तीन घंटे बाद विद्युत सहायक अभियंता सुभाष प्रसाद, कनीय अभियंता शिवम पांडेय व बिजली एजेंसी के अभियंता जयराम यादव ने मौके पर पहुंच कर 24 घंटे में तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पुरानी बाजार के जर-जर तार, पोल को बदलवाने का लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद करीब 11.30 बजे साढ़े चार घंटे बाद सड़क जाम समाप्त हुआ.
आंदोलनरत बिशुनपुरा के लोगों ने कहा कि वे दो दिन पूर्व बिजली विभाग को लिखित आवेदन दिये थे. इसमें बिजली विभाग को 24 घंटे के अंदर बिजली में सुधार करने की चेतावनी दी गयी थी. साथ ही लोगों ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि अनियमित बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो वे लोग एकजुट होकर सड़क पर उतरने के लिए विवश होंगे. लेकिन बिजली विभाग पर उनकी चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ. जिसके कारण उन्हें मजबूरन सड़क जाम करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति काफी आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि वे बिजली विभाग की अकर्मण्यता की वजह से ढिबरी युग में जीने को विवश हैं.
लेकिन इस क्षेत्र में कोई भी अधिकारी, राजनीतिक दल अथवा जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं की ओर ध्यान देनेवाला नहीं है. जमाकर्ताओं में राधेश्याम पांडेय, रामसहाय राम, अवध बिहारी गुप्ता, नवल किशोर गुप्ता, जगदीश चंद्रवंशी, मुन्नाभाई, सुरेश भंडारी, संजय गुप्ता, सुशील गुप्ता, अशोक चौरसिया, भरदुल चंद्रवंशी, अनूप गुप्ता, माणिक गुप्ता, लक्ष्मण पासवान, महेंद्र सोनल, भोलानाथ साहू सहित सैकड़ों लोगों के नाम शामिल है.
जाम में सभी का मिला समर्थन : किसी राजनीतिक दल के बैनर के बिना आम लोग बिजली से परेशान होकर सड़क पर उतरे हुए थे. यद्यपि आंदोलन की शुरुआत में कुछेक लोग ही सड़क पर उतरे थे. लेकिन धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गयी और आंदोलन प्रभावी हो चला. इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग-हाय, हाय और विद्युत अधिकारी-मुर्दाबाद और बिजली नहीं तो बिल भी नहीं… के नारे लगा रहे थे.
आंदोलन की सूचना मिलने के तीन घंटे के बाद बिजली विभाग के अधिकारी जब पहुंचे, तो पहले उन्होंने ग्रामीणों को समझा कर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़ गये थे कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, वे जाम समाप्त नहीं करेंगे.
विद्युत सहायक अभियंता ने कहा कि उन्हें बीमोड़ ग्रिड से मात्र आठ घंटे ही बिजली मिल रही है. वे इसमें लोड शेडिंग कर तीन घंटे बिशुनपुरा को नियमित रूप से बिजली देंगे. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने लिखित आश्वासन लेने के बाद जाम समाप्त किया. लेकिन जाम समाप्त करने से पूर्व ग्रामीणों ने कहा कि यदि इस आश्वासन के अनुरूप बिजली की आपूर्ति नहीं की गयी, वे पुन: आंदोलन पर उतरने को विवश होंगे.
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