उत्पादन कम होने से ग्रामीण व व्यापारी दोनों को नुकसान
Updated at : 04 May 2019 1:01 AM (IST)
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धुरकी : धुरकी प्रखंड के 60 हजार की आबादी में 80 प्रतिशत लोगों के आय का मुख्य स्रोत महुआ व तेंदूआ पता है. इस फसल को अच्छी होने पर लोगों की अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है. छह माह के लिए लोगों को राशन-पानी का जुगाड़ हो जाता है. लेकिन इस बार लगातार हो रहे बेमौसम […]
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धुरकी : धुरकी प्रखंड के 60 हजार की आबादी में 80 प्रतिशत लोगों के आय का मुख्य स्रोत महुआ व तेंदूआ पता है. इस फसल को अच्छी होने पर लोगों की अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है.
छह माह के लिए लोगों को राशन-पानी का जुगाड़ हो जाता है. लेकिन इस बार लगातार हो रहे बेमौसम की बारिश ने महुआ की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है. इससे प्रखंड में महुआ की उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ा है. इसके कारण इस फसल पर निर्भर लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. महुआ की फसल ठीक नहीं होने के कारण इससे जुड़े लोगों के सपने अधूरे रह जायेगें. इतना ही नहीं, गृहस्थों के साथ महुआ के व्यापारियों को भी अपने व्यापार प्रभावित हुआ है.
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