न्यायालय के आदेश पर जेल में बंद प्रेमी की करायी गयी पीड़िता से शादी, हथकड़ी में दूल्हे ने लिए सात फेरे
Updated at : 31 Oct 2018 1:48 AM (IST)
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गढ़वा : गढ़वा व्यवहार न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को स्थानीय गढ़देवी मंदिर में एक प्रेमी-प्रेमिका की शादी करायी गयी. रंका थाना के सोनदाग गांव निवासी बनवारी राम का पुत्र वीरेंद्र कुमार राम अपनी प्रमिका को धोखा देने के आरोप में पिछले दो महीने से गढ़वा मंडल कारा में बंद है.इस मामले में वीरेंद्र की […]
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गढ़वा : गढ़वा व्यवहार न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को स्थानीय गढ़देवी मंदिर में एक प्रेमी-प्रेमिका की शादी करायी गयी. रंका थाना के सोनदाग गांव निवासी बनवारी राम का पुत्र वीरेंद्र कुमार राम अपनी प्रमिका को धोखा देने के आरोप में पिछले दो महीने से गढ़वा मंडल कारा में बंद है.इस मामले में वीरेंद्र की जमानत के लिये आवेदन आने पर इसे मध्यस्थता केंद्र में भेज दिया गया था. वहां दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद वीरेंद्र अपनी प्रमिका रूबी कुमारी के साथ शादी के लिये तैयार हो गया.
इसके बाद दोनों की विशेष विवाह पदाधिकारी गढ़वा के यहां निबंधित शादी करायी गयी. साथ ही न्यायालय द्वारा दोनों को मंदिर में भी शादी कराने का आदेश दिया गया. न्यायालय के आदेश पर मां गढ़देवी मंदिर में वीरेंद्र और रूबी की शादी करायी गयी. इस मौके पर मां गढ़देवी मंदिर न्यास के सचिव सह गढ़वा सीओ वैद्यनाथ कामती, आदर्श विवाह समारोह समिति के अध्यक्ष विजय कुमार केसरी, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष विनोद जायसवाल, लड़की पक्ष के अधिवक्ता अशोक तिवारी, लड़का पक्ष के अधिवक्ता भृगुनाथ चौबे, उमेश केसरी, यमुना चंद्रवंशी, अरविंद पटवा, सुभाष कांस्यकार, जवाहर चंद्रवंशी, मुरली श्याम तिवारी मंदिर के पुजारी राजीव रंजन पांडेय आदि उपस्थित थे.
आदर्श विवाह समारोह समिति के अध्यक्ष विजय कुमार केसरी ने रूबी को साड़ी सहित सभी कपड़ा सहित शृंगार के सामान एवं लड़का को भी पैंट-शर्ट का कपड़ा प्रदान किया. श्री केसरी ने कहा कि उनकी संस्था इस तरह की गरीब कन्याओं का लगातार 2011 से अपने खर्च से शादी कराते आ रही है. न्यास के सचिव वैद्यनाथ कामती ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर दोनों की शादी करायी गयी है. दोनों पक्षों को प्रमाण पत्र भी दे दिया गया है.
छह साल से रूबी को दे रहा था धोखा
वीरेंद्र राम का अपने गांव की प्रमिका रूबी के साथ 2012 से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था. रूबी काफी गरीब परिवार से है. इसी का वीरेंद्र ने लाभ उठाते हुए उसके साथ संबंध इतना आगे तक बढ़ाया कि रूबी गर्भवती हो गयी. 22 फरवरी 2015 को रूबी ने वीरेंद्र के एक पुत्र को जन्म दिया. इसके बाद भी वह उसके साथ शादी के लिये तैयार नहीं हो रहा था.
रूबी के पिता के मुताबिक, इस सदमे में रूबी की मां की हर्ट अटैक से मौत हो गयी. वीरेंद्र का स्वभाव नहीं सुधरने पर रूबी ने 24 अगस्त 18 को रंका थाने में वीरेंद्र के खिलाफ आवेदन दिया. इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे रंका थाना लाकर हिरासत में रखकर उसे समझाने का प्रयास किया.
लेकिन इसके बाद भी जब वह शादी के लिये तैयार नहीं हुआ, तो उसपर प्राथमिकी दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया था. मंगलवार को गढ़देवी मंदिर में शादी के बाद वीरेंद्र को पुन: जेल भेज दिया गया. अधिवक्ता अशोक तिवारी ने बताया कि अब वीरेंद्र के जमानत के लिए की पहल की जायेगी.
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