आधी गरमी बीतने के बाद निकला 2365 चापानलों का टेंडर

Updated at : 19 May 2018 4:02 AM (IST)
विज्ञापन
आधी गरमी बीतने के बाद  निकला 2365 चापानलों का टेंडर

गढ़वा : भोज के दिन कोहड़ा रोपने वाली स्थिति पेयजल व स्वच्छता विभाग गढ़वा की बनी हुई है़ गढ़वा जिले में गरमी व पेयजल संकट चरम पर है़ ऐसी स्थिति में जब लोगों की पेयजल समस्या दूर होनी चाहिए, तब विभाग की ओर से चापाकल मरम्मत के लिए टेंडर निकाली गयी है़ टेंडर के निष्पादन […]

विज्ञापन

गढ़वा : भोज के दिन कोहड़ा रोपने वाली स्थिति पेयजल व स्वच्छता विभाग गढ़वा की बनी हुई है़ गढ़वा जिले में गरमी व पेयजल संकट चरम पर है़ ऐसी स्थिति में जब लोगों की पेयजल समस्या दूर होनी चाहिए, तब विभाग की ओर से चापाकल मरम्मत के लिए टेंडर निकाली गयी है़

टेंडर के निष्पादन व खराब चापाकल के मरम्मत होते-होते यहां बरसात का मौसम शुरू हो जायेगा़ यद्यपि विभाग की ओर से सभी क्षेत्रों में चापाकल मरम्मत के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं और लोगों की शिकायतों के लिए टॉल फ्री नंबर भी जारी किये गये है़ं लेकिन विभाग की ओर से जिन चापाकलों की मरम्मत की जा रही है़ वे सभी मामूली खराबी वाले चापाकल है़ं लेकिन वैसे चापाकल जिसके बोर में पानी उपलब्ध है, लेकिन विशेष मरम्मत या पाइप बदले जाने के अभाव में बंद पड़े हुए है़ं
उसकी मरम्मत अभी नहीं की जा रही है़ गढ़वा जिले में ऐसे कुल 2365 चापाकलों की पहचान की गयी है़ इसमें से 1052 चापाकल विशेष मरम्मत व 1313 चापाकल पाइप बदले जाने के रूप में चिह्नित है़ं लेकिन यहां गौरतलब यह है कि कुल 2365 चापाकलों में से मात्र 414 चापाकल के मरम्मति का ही टेंडर निकाला गया है़ आवंटन के अभाव में शेष चापाकलों की मरम्मत इस साल नहीं हो सकेगी़ जिन 414 चापाकलों के विशेष मरम्मति की आवश्यकता है़ उसके टेंडर खुलने, कार्य आवंटित करने व मरम्मत में कम से कम 20 दिनों का समय अभी और लगेगा़ इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि विभाग की यह स्थिति प्यास लगने पर कुआं खोदनेवाली है़ तब तक प्यासे के प्राण ही निकल जायेंगे़
चापानलों की होगी विशेष मरम्मत
80 हजार गैलन क्षमतावाली पेयजलापूर्ति योजना डेढ़ माह से बंद
इधर गढ़वा शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए एकमात्र वृहद पेयजल आपूर्ति योजना पानी की अभाव में करीब डेढ़ महीने से बंद पड़ा हुआ है़ पेयजल व स्वच्छता विभाग परिसर में 80 हजार गैलन की क्षमतावाला टावर भी लगा हुआ है़ लेकिन गढ़वा शहर की करीब 50 हजार की आबादी को इससे डेढ़ माह से एक बूंद भी पानी नहीं मिल सका है़ इसको मिलाकर गढ़वा जिले में कुल 17 वृहद पेयजल आपूति योजनाएं है़ इसमें से विभाग का दावा है कि आठ चालू स्थति में है़ं, जबकि शेष विभिन्न कारणों से बंद पड़े हुए है़ं लेकिन जिले में स्थित 126 मीनी सोलर पेयजल आपूर्ति योजना में से 123 चालू स्थिति मेंं है़
लक्ष्य प्राप्ति में देर होने के कारण विलंब : इइ
इस संबंध में पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता राधेश्याम रवि ने बताया कि विभाग की ओर से देर से लक्ष्य प्राप्त होने की वजह से टेंडर निकालने आदि में विलंब हुआ है़ जिले में मामूली खराबी की वजह से बंद चापाकलों की मरम्मत के लिए सभी क्षेत्रों में कीट के साथ वाहन भेजे गये है़ं जहां-जहां से शिकायतें प्राप्त हुई है़ उन सभी चापाकलों की मरम्मत की गयी है़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola