नक्सलियों के गढ़ गुरुसिंधु में लगा भव्य मेला

Updated at : 16 Jan 2018 9:16 AM (IST)
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नक्सलियों के गढ़ गुरुसिंधु में लगा भव्य मेला

मकर संक्रांति के अवसर पर हर वर्ष लगता है मेला छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के गढ़वा सहित आसपास के जिलों से हजारों लोग पहुंचे गढ़वा : कभी नक्सलियों की सुरक्षित पनाहगार रहे प्रसिद्ध गुरुसिंधु जलप्रपात में मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर भव्य मेले का आयोजन किया गया़ चिनिया प्रखंड स्थित छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे […]

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मकर संक्रांति के अवसर पर हर वर्ष लगता है मेला
छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के गढ़वा सहित आसपास के जिलों से हजारों लोग पहुंचे
गढ़वा : कभी नक्सलियों की सुरक्षित पनाहगार रहे प्रसिद्ध गुरुसिंधु जलप्रपात में मकर संक्रांति के त्योहार को लेकर भव्य मेले का आयोजन किया गया़ चिनिया प्रखंड स्थित छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे कनहर नदी में इस बार प्रशासन ने मेले को भव्य बनाने में काफी मेहनत की़ यह पहला मौका है, जब प्रशासनिक अधिकारियों ने कनहरनदी स्थित दोनों किनारे घनघोर जंगल के बीच बसे इस सुंदर स्थल को लोगों की नजरों में लाने के लिये प्रयास शुरू किया है़
यद्यपि इसे अभी तक पर्यटनस्थल का दर्जा नहीं मिल सका है़ लेकिन यहां प्रशासनिक सुविधाएं बहाल की जाने लगी हैं. मकर संक्रांति को लेकर रविवार एवं सोमवार को यहां मेले का आयोजन किया गया़ इसमें हजारों की संख्या में छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के गढ़वा सहित आसपास के जिलों से लोग पहुंचे हुये थे़ लोगों ने कनहर नदी में डुबकी लगायी और नदीस्थल पर स्थित प्रस्तावित शिव मंदिर के नीचे कथा श्रवण किया़
मेले को भव्य बनाने के लिये उपायुक्त के निर्देश पर चिनिया से नदी तट तक करीब 15 किमी की दूरी तक गड्ढों को भरा गया तथा आवागमन सुगम बनाने के लिये सड़क जेसीबी से चौड़ा किया गया़ यहां पहली बार सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल की टुकड़ी तैनात की गयी थी़ पुलिस बल ने सारा दिन यहां मेले पर नजर रखा़ स्वच्छ भारत अभियान की ओर से यहां पुरुष व महिला के लिये अलग-अलग दो शौचालय बनाये गये थे़
100 साल पहले केवल साव ने की थी गुरुसिंधु जलप्रपात की खोज : गुरुसिंधु जलप्रपात की खोज करीब 100 साल पहले चिनिया निवासी केवल साव ने की थी़ उन्होंने जब जंगल के बीच इस स्थल की खोज की, तो इसकी सुंदरता को देखकर वे मंत्रमुग्ध हो गये थे़ उन्होंने इसी स्थल पर अपनी कुटिया बनाकर सन्यास ग्रहण कर लिया था़ जलप्रपात के पास पहाड़ी पर केवल साव द्वारा खोजी गयी पहाड़ी गुफा भी अभी विद्यमान है, जहां मकर संक्रांति के मौके पर लोग घूमने एवं पूजा करने जाते हैं.
केवल साव के प्रपौत्र भाजपा नेता कपिल प्रसाद ने बताया कि उनके परदादा ने ही यहां मकर संक्रांति का मेला शुरू कराया था़ तब से लेकर अबतक लगातार यहां मेला लगते आ रहा है. बीच में नक्सलियों की गतिविधियों के कारण लोगों का आवागमन यहां काफी कम हो गया था़ लेकिन इस बार उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा के दौरे के बाद से लोगों को सुविधाए हासिल हुई हैं. लोग पहले की तुलना में ज्यादा यहां पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि इसे पर्यटनस्थल का दर्जा देते हुए कुछ अन्य स्थायी सुविधायें बहाल कर दी जायें, तो सालों भर लोगों का यहां आवागमन होगा और सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा़
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