घाटशिला.
घाटशिला प्रखंड सभागार में सोमवार को राज्य यक्ष्मा (टीबी) मुक्त अभियान को लेकर प्रखंड प्रमुख सुशीला टुडू की अध्यक्षता में बैठक हुई. मौके पर घाटशिला अनुमंडल चिकित्सा प्रभारी डॉ आरएन सोरेन, बीडीओ यूनिका शर्मा और सीओ निशांत अंबर मुख्य रूप से उपस्थित थे. चिकित्सा प्रभारी डॉ आरएन सोरेन ने कहा कि घाटशिला प्रखंड की कुल 22 पंचायतों में फिलहाल धरमबहाल पंचायत ही टीबी मुक्त घोषित है. वर्ष 2026 तक घाटशिला प्रखंड को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य है. इसके लिए प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधि, स्वास्थ्य कर्मी और समाजसेवियों को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा.पंचायतों के मुखिया व समाजसेवी आगे आयें
डॉ सोरेन ने बताया कि प्रखंड की बीडीओ, सीओ और कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें छह माह तक आवश्यक पोषक आहार उपलब्ध कराया है, उसी तरह अन्य पंचायतों के मुखिया और समाजसेवी भी आगे आयें. इस अवसर पर टीबी मुक्त पंचायत बनाने में सराहनीय भूमिका निभाने वाले धरमबहाल पंचायत के मुखिया बनाव मुर्मू को अनुमंडल चिकित्सा प्रभारी, बीडीओ और सीओ द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया. उन्होंने बताया कि धरमबहाल पंचायत को पूर्व में जिला स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्मानित किया जा चुका है.
टीबी मरीजों को पर्याप्त पोषण मिलना जरूरी
बीडीओ यूनिका शर्मा ने कहा कि चाहे प्रशासनिक अधिकारी हों, पंचायत प्रतिनिधि हों या समाजसेवी सभी का लक्ष्य जनसेवा होना चाहिए. टीबी मरीजों को पर्याप्त पोषण मिलना बेहद जरूरी है, इसलिए उन्हें छह माह तक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में पंचायत स्तर से भी ठोस पहल की जानी चाहिए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

