East Singhbhum News : ‘सबर परिवारों की जीवन शैली कठिन’

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 30 Jul 2025 12:27 AM

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वीमेंस कॉलेज की 54 छात्राओं ने डुमरिया की सबर बस्तियों में सर्वे किया

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डुमरिया

. डुमरिया के सुदूर गांवों में बसे आदिम जनजाति की स्थिति को जानने के लिए वीमेंस कॉलेज के ऑनर्स तृतीय वर्ष की छात्राओं की एक टीम मंगलवार को डुमरिया पहुंची. टीम ने बारुनिया, भीतरआमदा, माड़ोतोलिया, सातबाखरा, बोमरो, जंगलब्लाक, धोलाबेरा, खड़िदा, भागाबेड़ा, कालियाम, बाकड़ाकोचा, लांगों आदि गांवों में जाकर सबर परिवारों के रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सड़क आदि के बारे में जानकारी ली. जमशेदपुर से कुल 54 विद्यार्थी डुमरिया पहुंचे थे. उन्हें 9 ग्रुप में बंटकर विभिन्न सबर टोलों में भेजा गया था. हर ग्रुप में 6 छात्राएं थीं. छात्राओं ने बताया कि सबर परिवारों की जीवन शैली कठिन व निम्न स्तर की है. घर तक जाने के लिए रास्ता भी नहीं है. स्वास्थ्य सेवा ठीक नहीं है. कई जगहों में इनके बैंक खाते दूसरे के पास हैं. शिक्षा के मामले में कमजोर हैं. अधिकतर प्राथमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं. छात्राओं ने बताया हमलोग आदिम जनजाति के बारे में किताबों में पढ़ते थे. आज उनसे मिलने का मौका मिला. इससे हम लोगों को अलग अनुभूति हुई.डुमरिया बीडीओ नीलेश कुमार मुर्मू ने बताया कि उपायुक्त की पहल पर आज स्नातक की छात्राएं जमशेदपुर से आयी थीं. उन्हें विभिन्न पंचायत के सबर टोला में भेजा गया था. शाम को छात्राएं यहां से वापस जमशेदपुर चली गयीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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