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East Singhbhum News : पिता की राजनीतिक पिच पर पुत्र सोमेश ने शुरू की पारी

Updated at : 02 Sep 2025 11:59 PM (IST)
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East Singhbhum News : पिता की राजनीतिक पिच पर पुत्र सोमेश ने शुरू की पारी

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पूर्व मंत्री रामदास सोरेन की राजनीतिक विरासत को संभालने घाटशिला पहुंचे सोमेश सोरेन

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घाटशिला. अपने पिता रामदास सोरेन की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए पुत्र सोमेश सोरेन मंगलवार को पहली बार घाटशिला पहुंचे. उन्होंने शहीदों के नमन से नयी पारी की शुरुआत की. गालूडीह बस स्टैंड के पास शहीद सुनील महतो-प्रभाकर महतो की मूर्ति पर माल्यार्पण किया. गालूडीह प्राचीन रंकिणी मंदिर में माथा टेका. मंदिर के मुख्य पुजारी सह संन्यासी विनय दास बाबाजी से आशीर्वाद लिया.

झामुमो कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

ज्ञात हो कि रामदास सोरेन के निधन से घाटशिला विस के झामुमो कार्यकर्ता उदास थे. मंगलवार को उनके पुत्र सोमेश सोरेन के आगमन से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला. कार्यकर्ताओं ने रामदास सोरेन अमर रहे व सोमेश सोरेन के जिंदाबाद के नारे लगाकर संदेश दिया कि पिता की राजनीतिक विरासत को पुत्र संभालेंगे. मौके पर रामदास सोरेन के करीबी रहे कालीपद गोराई, उनके भतीजा विक्टर सोरेन, मंगल सोरेन समेत परिवार के अन्य सदस्य थे. मौके पर झामुमो नेता सुनाराम सोरेन, निर्मल चक्रवर्ती, सिप्पू शर्मा आदि कार्यकर्ता थे.

पिता के अंतिम कार्यक्रम स्थल से पुत्र ने नयी शुरुआत की

मंत्री के पुत्र ने घाटशिला माझी परगना महाल में आयोजित झामुमो की घाटशिला विस स्तरीय बैठक में भाग लिया. वहां चार प्रखंड घाटशिला, मुसाबनी, धालभूमगढ़ और गुड़ाबांदा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ने स्वागत किया. इसी माझी महाल भवन में रामदास सोरेन ने 27 जुलाई को अपना अंतिम कार्यक्रम किया था. उसी जगह से पुत्र ने राजनीतिक पारी की शुरुआत की.

चुनाव लड़ने पर परिवार में सहमति, दो-तीन दिनों में पार्टी की मुहर लगना तय

शिक्षा मंत्री रहे रामदास सोरेन के बड़े पुत्र सोमेश सोरेन को घाटशिला विस उप चुनाव में उतराने को लेकर परिवार में सहमति बन चुकी है. अब पार्टी आलाकमान अंतिम मुहर लगायेगा. रामदास सोरेन के करीबी रहे कालीपद गोराई ने इसकी पुष्टि की है. पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह सीएम हेमंत सोरेन की घोषणा बाकी है. पार्टी के नेताओं ने कहा कि दो-तीन दिनों में सब कुछ साफ हो जायेगा. चर्चा है कि सोमेश सोरेन को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाने के बाद चुनाव लड़ाया जायेगा. ज्ञात हो कि 15 अगस्त को रामदास सोरेन का निधन हुआ था.

घाटशिला में 21 साल के संघर्ष से रामदास ने खड़ा किया संगठन

गौरतलब हो कि रामदास सोरेन ने 2004 से 2025 तक करीब 21 साल के संघर्ष से पार्टी को मजबूती के साथ खड़ा किया. आज झामुमो विधान सभा में मजबूत संगठन बनकर खड़ा है. रामदास सोरेन घाटशिला विस से 2009, 2019 और 2024 में विधायक रहे. दो बार कैबिनेट मंत्री रहे. अब उनके पुत्र सोमेश सोरेन पार्टी के खेवनहार बनेंगे. हालांकि उनके लिए चुनौतियां कम नहीं हैं. पिता की छाप सोमेश सोरेन में है. वहीं सहजता और सरलता झलकती है. सोमेश सोरेन ने ओडिशा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. सीधे तौर पर उन्होंने कभी राजनीति में हस्तक्षेप नहीं किया है. पिता मंत्री बने, तो उनके साथ कई कार्यक्रमों जरूर साथ जाते रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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