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East Singhbhum News : चतराकोचा पहाड़ बनेगा पर्यटन स्थल

Updated at : 02 Feb 2026 12:03 AM (IST)
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East Singhbhum News : चतराकोचा पहाड़ बनेगा पर्यटन स्थल

घाटशिला. पहाड़ पर चढ़ विधायक सोमेश सोरेन ने बिदु चांदान की पूजा की, कहा

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घाटशिला.

घाटशिला प्रखंड की आसना पंचायत के बोगडुबा गांव के समीप चतराकोचा स्थित कोचापहाड़ की चोटी पर रविवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर बिदु चांदान धरम गाड़ की पूजा अर्चना की गयी. मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, झामुमो युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष विक्टर सोरेन व प्रमुख सुशीला टुडू समेत हजारों की संख्या में संताल समाज के लोग शामिल हुए. ग्राम प्रधान राजेश टुडू ने विधिवत पूजा करायी. आयोजन का नेतृत्व समिति के अध्यक्ष लखन मुर्मू व संचालन मुखिया मानसिंह हेंब्रम ने किया. विधायक पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की. श्रद्धालुओं के साथ सामूहिक भोज भी किया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आज भी अपनी संस्कृति और सभ्यता को सहेज कर रखे हुए हैं. बिदु चांदान को शिक्षा और ज्ञान की देवी-देवता के रूप में पूजा जाता है. इस पवित्र स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिये बिजली, पेयजल, चांदान झरना पर पुलिया निर्माण, पक्की सड़क तथा बुनियादी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध करायी जायेगी. पूजा में झारखंड, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष, छात्र-छात्राएं शामिल हुए. मौके पर सुशील टुडू, कालीपद गोराई, जगदीश भकत, दसमथ सोरेन, भरत मुर्मू, पूर्व मुखिया महारानी मुर्मू, भुजंग टुडू, नारायण मुर्मू, शरबत मुर्मू, दुर्गा चरण मुर्मू, सुजय सिंह, मालती मुर्मू, बलराम मार्डी, सोनाराम सोरेन, सावित्री सोरेन, गुहीराम हांसदा, रायसेन सोरेन, सुशील मार्डी, प्रकाश टुडू, भरत मुर्मू, छोटा भुजंग टुडू, आंता टुडू, धरमल सोरेन, आंता मुर्मू, सनातन हांसदा, माधा मुर्मू, विश्वनाथ टुडू, कन्हाई लाल मुर्मू, रामपदो सिंह, ठाकुर सिंह, काले मुर्मू, अंपा हेंब्रम, सुशील मुर्मू, दामू टुडू, सुरजू मुर्मू आदि उपस्थित थे.

पंडित रघुनाथ मुर्मू बंगाल प्रवास के दौरान यहां आये थे :

बताया गया कि संताली भाषा एवं संस्कृति के प्रवर्तक सह ओलचिकी लिपि के जनक ओल गुरु पंडित रघुनाथ मुर्मू पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान चतराकोचा पहाड़ पर सात दिनों तक बिदु चांदान व पहाड़ी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की थी, ताकि पश्चिम बंगाल में भी ओलचिकी भाषा और संस्कृति का विकास हो सके.

एक-दूसरे की भाषा और संस्कृति का सम्मान करें : सोमेश

घाटशिला. घाटशिला कॉलेज में संथाली विभाग के हो भाषी छात्र-छात्राओं द्वारा मागे पर्व पर झूमर का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक सोमेश सोरेन व प्राचार्य डॉ आरके चौधरी ने हो भाषा के जनक गुरु कोल लाको बोदरा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ आम और खास लोग झूमते नजर आये. विधायक ने नगाड़ा बजाकर छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति का गहरा संबंध होता है. इसलिए सभी को एक-दूसरे की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए. वहीं, प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के महासचिव विनय पूर्ति ने कहा कि हो समुदाय का मांगे पर्व सृजन, प्रकृति और पारंपरिक संस्कृति की अनमोल धरोहर है, जिसे सहेजना नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है. विशिष्ट अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के सीवीसी डॉ प्रभात कुमार सिंह ने हो भाषा के जनक लाको बोदरा के योगदान पर प्रकाश डाला. आयोजन को सफल बनाने में विशाल पूर्ति, सुखसेन गोडसोरे, श्याम सोरेन, मीना बोदरा, राम बांडरा, विष्णु सोय, प्रीति सुंडी, सोमवारी पिंगुवा, रीना कुनतिया, सुनीता बोदरा, संध्या रानी हेंब्रम, बादल बांडरा, मनीष बांडरा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मौके पर जगदीश भकत, काजल डॉन, डॉ दिलचंद राम, प्रो महेश्वर प्रामाणिक, प्रो माणिक मार्डी, शरद चंद्र आदि उपस्थित थे.

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ATUL PATHAK

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ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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