बहरागोड़ा में 300 मिमी से अधिक बारिश, शंख नदी में बह गया मुखिया का बेटा

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करम की डाली पर बैठा मुखिया का बेटा शिवनाथ हेम्ब्रम. फोटो : प्रभात खबर

Mukhia Son Washed Away in Jharkhand: बिक्रमपुर गांव के मासनुडुंगरी के पास नदी के बीचोंबीच एक करम पेड़ था. शिवनाथ हेम्ब्रम ने उस पेड़ को पकड़ लिया. काफी देर तक वह पेड़ के सहारे बीच नदी में ही रुका रहा. किनारे खड़े लोग उसकी हिम्मत बढ़ाते रहे. थोड़ी देर आराम करने के बाद उसकी थकान कुछ कम हुई. बाद में परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने रस्सी का जुगाड़ किया, लेकिन रस्सी लेकर नदी में जाने का कोई साहस नहीं कर पाया.

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Mukhia Son Washed Away in Jharkhand: डुमरिया (पूर्वी सिंहभूम), अनूप कुमार : पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में महज एक दिन में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश के बाद बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गये. पूर्वी सिंहभूम जिले की नदियां उफना गयीं. डुमरिया प्रखंड में बड़ा कांजिया पंचायत के मुखिया सुरेश हेम्ब्रम का 16 वर्षीय पुत्र शिवनाथ हेम्ब्रम रविवार को गांव के किनारे शंख नदी की तेज धार में बह गया. वह भंडारबोरो घाट पर नहाने के लिए गया था. शिवनाथ हेम्ब्रम अपने दोस्त मुकेश गोप और अन्य साथियों के साथ नदी में तैर रहा था. उसने जींस का बरमुडा और टी-शर्ट पहन रखी थी. तैरते-तैरते वह थक गया और नदी की तेज धार में बहने लगा.

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2 किलोमीटर तक तेज धार में बहा युवक

बहते समय उसने चिल्लाना शुरू किया- बचाओ-बचाओ, लेकिन उफनायी नदी की धार को देख किसी की हिम्मत नहीं पड़ी कि उसे बचाने के लिए कोई नदी में छलांग लगा सके. वह लगभग 2 किलोमीटर तक नदी की तेज धार के साथ बहता चला गया. परिजन और ग्रामीण भी नदी के किनारे-किनारे उसके साथ भाग रहे थे.

तेज नदी की धार में करम का पेड़ बना सहारा

बिक्रमपुर गांव के मासनुडुंगरी के पास नदी के बीचोंबीच एक करम पेड़ था. शिवनाथ हेम्ब्रम ने उस पेड़ को पकड़ लिया. काफी देर तक वह पेड़ के सहारे बीच नदी में ही रुका रहा. किनारे खड़े लोग उसकी हिम्मत बढ़ाते रहे. थोड़ी देर आराम करने के बाद उसकी थकान कुछ कम हुई. बाद में परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने रस्सी का जुगाड़ किया, लेकिन रस्सी लेकर नदी में जाने का कोई साहस नहीं कर पाया.

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…और इस तरह बची शिवनाथ हेम्ब्रम की जान

अंतत: रस्सी को पेड़ तक फेंकने की कोशिश शुरू हुई. कई बार की कोशिश के बाद रस्सी शिवनाथ तक पहुंची. तब रस्सी के सहारे उसे किनारे लाया गया. मुखिया सुरेश हेम्ब्रम ने कहा कि आज मैं अपने बेटे को खो देता. उन्होंने कहा कि जिस जगह से उसे बचाया गया है, उसके आगे नदी में बड़े-बड़े खतरनाक चट्टान हैं. इतनी तेज धार के साथ कोई बहकर वहां चला जाये, तो उसका बचना मुश्किल हो जाता है.

नदी किनारे पहुंची ग्रामीणों की भीड़. फोटो : प्रभात खबर

मुखिया बोले- जनता की दुआ और ईश्वर के आशीर्वाद से बच गया बेटा

उन्होंने कहा कि जनता की दुआ और ऊपरवाले के आशीर्वाद से मेरा बेटा सही-सलामत है. शिवनाथ मुखिया का छोटा बेटा है. उसने इसी साल मैट्रिक की परीक्षा पास की है. घटना की सूचना पाकर डुमरिया के बीडीओ निलेश कुमार, थाना प्रभारी सुगना मुंडा, जेएमएम के भगत बास्के ने मुखिया के घर जाकर शिवनाथ हेम्ब्रम से मिलकर घटना की जानकारी ली.

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