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बहरागोड़ा में 300 मिमी से अधिक बारिश, शंख नदी में बह गया मुखिया का बेटा

Updated at : 29 Jun 2025 8:41 PM (IST)
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Mukhia Son Washed Away in Jharkhand

करम की डाली पर बैठा मुखिया का बेटा शिवनाथ हेम्ब्रम. फोटो : प्रभात खबर

Mukhia Son Washed Away in Jharkhand: बिक्रमपुर गांव के मासनुडुंगरी के पास नदी के बीचोंबीच एक करम पेड़ था. शिवनाथ हेम्ब्रम ने उस पेड़ को पकड़ लिया. काफी देर तक वह पेड़ के सहारे बीच नदी में ही रुका रहा. किनारे खड़े लोग उसकी हिम्मत बढ़ाते रहे. थोड़ी देर आराम करने के बाद उसकी थकान कुछ कम हुई. बाद में परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने रस्सी का जुगाड़ किया, लेकिन रस्सी लेकर नदी में जाने का कोई साहस नहीं कर पाया.

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Mukhia Son Washed Away in Jharkhand: डुमरिया (पूर्वी सिंहभूम), अनूप कुमार : पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में महज एक दिन में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश के बाद बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गये. पूर्वी सिंहभूम जिले की नदियां उफना गयीं. डुमरिया प्रखंड में बड़ा कांजिया पंचायत के मुखिया सुरेश हेम्ब्रम का 16 वर्षीय पुत्र शिवनाथ हेम्ब्रम रविवार को गांव के किनारे शंख नदी की तेज धार में बह गया. वह भंडारबोरो घाट पर नहाने के लिए गया था. शिवनाथ हेम्ब्रम अपने दोस्त मुकेश गोप और अन्य साथियों के साथ नदी में तैर रहा था. उसने जींस का बरमुडा और टी-शर्ट पहन रखी थी. तैरते-तैरते वह थक गया और नदी की तेज धार में बहने लगा.

2 किलोमीटर तक तेज धार में बहा युवक

बहते समय उसने चिल्लाना शुरू किया- बचाओ-बचाओ, लेकिन उफनायी नदी की धार को देख किसी की हिम्मत नहीं पड़ी कि उसे बचाने के लिए कोई नदी में छलांग लगा सके. वह लगभग 2 किलोमीटर तक नदी की तेज धार के साथ बहता चला गया. परिजन और ग्रामीण भी नदी के किनारे-किनारे उसके साथ भाग रहे थे.

तेज नदी की धार में करम का पेड़ बना सहारा

बिक्रमपुर गांव के मासनुडुंगरी के पास नदी के बीचोंबीच एक करम पेड़ था. शिवनाथ हेम्ब्रम ने उस पेड़ को पकड़ लिया. काफी देर तक वह पेड़ के सहारे बीच नदी में ही रुका रहा. किनारे खड़े लोग उसकी हिम्मत बढ़ाते रहे. थोड़ी देर आराम करने के बाद उसकी थकान कुछ कम हुई. बाद में परिजनों और आसपास के ग्रामीणों ने रस्सी का जुगाड़ किया, लेकिन रस्सी लेकर नदी में जाने का कोई साहस नहीं कर पाया.

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…और इस तरह बची शिवनाथ हेम्ब्रम की जान

अंतत: रस्सी को पेड़ तक फेंकने की कोशिश शुरू हुई. कई बार की कोशिश के बाद रस्सी शिवनाथ तक पहुंची. तब रस्सी के सहारे उसे किनारे लाया गया. मुखिया सुरेश हेम्ब्रम ने कहा कि आज मैं अपने बेटे को खो देता. उन्होंने कहा कि जिस जगह से उसे बचाया गया है, उसके आगे नदी में बड़े-बड़े खतरनाक चट्टान हैं. इतनी तेज धार के साथ कोई बहकर वहां चला जाये, तो उसका बचना मुश्किल हो जाता है.

नदी किनारे पहुंची ग्रामीणों की भीड़. फोटो : प्रभात खबर

मुखिया बोले- जनता की दुआ और ईश्वर के आशीर्वाद से बच गया बेटा

उन्होंने कहा कि जनता की दुआ और ऊपरवाले के आशीर्वाद से मेरा बेटा सही-सलामत है. शिवनाथ मुखिया का छोटा बेटा है. उसने इसी साल मैट्रिक की परीक्षा पास की है. घटना की सूचना पाकर डुमरिया के बीडीओ निलेश कुमार, थाना प्रभारी सुगना मुंडा, जेएमएम के भगत बास्के ने मुखिया के घर जाकर शिवनाथ हेम्ब्रम से मिलकर घटना की जानकारी ली.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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