झारखंड में गर्मी की दस्तक के साथ दलमा में बढ़ी पानी की चिंता, जलस्रोतों को किया जा रहा गहरा

दलमा में विचरण करते हाथी.
Jamshedpur News: झारखंड में गर्मी ने दस्तक दे दी है. इसके साथ ही दलमा में पानी की चिंता बढ़ गयी है. वन विभाग ने जलस्रोतों को गहरा करने का काम अभी से शुरू कर दिया है. दरअसल, अप्रैल में ही झारखंड में भीषण गर्मी पड़ने लगी है. अगर प्राकृतिक जलस्रोत सूख गये, तो यह भविष्य के लिए खतरनाक होगा. इसलिए जलस्रोतों को बनाये रखने की हरसंभव कोशिश हो रही है.
Jamshedpur News| झारखंड में जैसे ही गर्मी ने दस्तक दी, दलमा में पानी की चिंता बढ़ गयी. दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी हाथियों के लिए जाना जाता है. गर्मी की दस्तक के साथ ही उनके लिए पानी की चिंता बढ़ जाती है. इस साल अप्रैल में ही भीषण गर्मी ने चिंता बढ़ा दी है. जलस्रोत सूखते नजर आ रहे हैं. हालांकि, अभी भी दलमा के अधिकांश प्राकृतिक छोटे-बड़े जलस्रोतों में पानी उपलब्ध है, लेकिन पानी की मात्रा कम हो गयी है. इसलिए वन विभाग की ओर से जलस्रोतों, झील और झरनों की प्राकृतिक गहराई को बढ़ाया जा रहा है, ताकि पानी की उपलब्धता बनी रहे.
जलस्रोत सूख गये, तो गर्मी में दलमा के जीव-जंतुओं को होगी परेशानी
जलस्रोतों के सूखने पर दलमा सैक्चुआरी के जंगलों में रहने वाले जंगली जीव-जंतु हाथी, बाघ, भालू, सियार, लोमड़ी, लकड़बग्घा समेत अन्य पशु-पक्षियों को परेशानी होगी. हालांकि, पशु-पक्षियों के लिए वन विभाग गर्मी के मौसम में वैकल्पिक व्यवस्था कर सकती है, लेकिन सदियों से जो प्राकृतिक जलस्रोत हैं, उनका जलस्तर कम होना भविष्य के लिए खतरा है.
दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में हैं 79 जलस्रोत
दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी में 79 छोटे-बड़े प्राकृतिक जलस्रोत हैं. इन 79 जलस्रोतों में झील, झरना और ज्यादातर तालाब हैं. समय-समय पर इनका जीर्णोद्धार वन विभाग द्वारा कराया जाता है. विभाग द्वारा सैंक्चुआरी में कई चेक डैम का निर्माण कराया गया है. गर्मी को ध्यान में रखते हुए सारे जलस्रोतों को फिर से गहरा किया जा रहा है. पानी की गुणवत्ता की जांच भी वन विभाग द्वारा करायी गयी है.
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पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी : डीएफओ
दलमा में बड़का बांध, निचला बांध, छोटका बांध, राजदोहा और बिजली घाटी समेत कई ऐसे बांध और तालाब हैं, जहां पानी हमेशा होता है. ऐसे सारे जलस्रोतों की जांच करायी गयी है. वन विभाग के मुताबिक, सारे जलस्रोतों का पानी जानवरों के पीने के लायक है.
पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी : डीएफओ
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी. वर्तमान में पानी उपलब्ध है. सारे जलस्रोतों की गहराई को ठीक किया जा रहा है. जरूरत पड़ी, तो बाहर से पानी की सप्लाई करके सभी तालाबों को भरा जायेगा. अभी तक ऐसी स्थिति नहीं आयी है. पानी की क्वालिटी भी बेहतर है.
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By Mithilesh Jha
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