प्रतिनिधि, चाकुलिया
चाकुलिया स्थित सोनाहातु आकाशिया जंगल में गुरुवार को असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी. धीरे-धीरे आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गांव के नजदीक पहुंचने लगीं. इसके बाद स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया. इसके बावजूद आग को बुझाया नहीं जा सका. आग बुझाने के लिए दमकल को फोन किया गया. सूचना पाकर बहरागोड़ा से दमकल सोनहातु गांव पहुंची. दमकल कर्मियों ने पहले झाड़ियों के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया, फिर पानी डालकर आग बुझायी. जंगल में लगी आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को लगभग 4 घंटे लग गये.
जंगल के पेड़ पौधे और पशु पक्षी होते हैं आग के शिकार: सोनाहातु स्थित आकाशिया जंगल से असामाजिक तत्वों द्वारा लकड़ी चोरी करने व पशु पक्षियों के शिकार करने के उद्देश्य से सूखे पत्तों में आग लगाकर पूरे जंगल को आग में झोंक दिया जाता है. जंगलों में सरीसृप जंतु, खरगोश व कई पक्षी अपना बसेरा बनाकर रहते हैं. आग लगने से पक्षी जलकर मर जाते हैं. इसी प्रकार अजगर, खरगोश आदि भी आग का शिकार बन जाते हैं.
पेट्रोल पंप के पीछे भी लग चुकी है आग: सोनाहातु आकाशिया जंगल में लगी आग कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई बार जंगलों में आग लगी है. हाल ही में पिछले सप्ताह चाकुलिया के दक्षिणसोल स्थित पेट्रोल पंप के ठीक पीछे भी इसी प्रकार आग लगा दी गयी थी. जिसे दमकल द्वारा बुझाया गया था.
विभाग के पास है आग बुझाने के लिए फायर ब्लोअर : वनपाल
आग लगने के बारे में पूछे जाने पर वनपाल कल्याण महतो ने बताया कि उन्हें सोनाहातु आकाशिया जंगल में आग लगने की सूचना नहीं दी गयी थी. यह जंगल वन भूमि की है अथवा नहीं इसकी जानकारी लेनी होगी.
उन्होंने कहा कि विभाग के पास आग बुझाने के लिए फायर ब्लोअर मौजूद है. सूचना मिलने पर फायर ब्लोअर लेकर वन विभाग की टीम आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचती है. बशर्ते कि आग वन भूमि में स्थित जंगल में लगी हो. फायर ब्लोअर के तेज हवा के झोका से सूखे पत्तों को आग से दूर किया जाता है.
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