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East Singhbhum News : बादल व कोहरा देख धान समेट रहे किसान

Updated at : 21 Dec 2025 12:10 AM (IST)
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East Singhbhum News : बादल व कोहरा देख धान समेट रहे किसान

घाटशिला. काटकर खेत में रखे गये धान को घर व खलिहान तक पहुंचाया गया

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गालूडीह . पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल में शनिवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया. दिन भर बादल और कोहरा छाये रहे. यह देख क्षेत्र के किसानों खेत में काट कर रखे धान को समेटना शुरू कर दिया है. कई किसान कटा और बांध कर रखे धान को वाहन पर लाद कर घर और खलिहान ले जाते दिखे. गालूडीह के उलदा में कई किसान अपने धान को खेत से समेटने में जुटे थे. हालांकि, अधिकतर किसान धान की कटाई, पिटाई और झड़ाई कर बोरे में भर चुके हैं. अभी कुछ किसानों के धान खेत में पड़े हैं. जिन किसानों ने मशीन से धान की कटाई की, उनका काम हो चुका है. जिन किसानों ने मजदूर से कटाई की, उनका धान खेत में पड़ा है. मजदूर के अभाव में बांध कर घर लाने में देर हो रही है. इधर, मौसम बिगड़ने से धान बर्बाद होने की आशंका में किसान चिंतित दिखे.

ठंड सब्जी, सरसों, मटर, चना, गेहूं के लिए फायदेमंद:

दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, धूप नहीं निकलने से तापमान में गिरावट आयी है. कोहरा छाया रहने से रबी फसलों को कुछ नुकसान उठाना पड़ेगा. बारिश हुई, तो काट कर रखे के धान को नुकसान होगा. ठंड सब्जी की खेती समेत रबी के सरसों, मटर, चना, गेहूं के लिए फायदेमंद है.

कोहरे से विजिबिलिटी कम हुई
लाइट जलाकर चले वाहन:

इकोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गयी है. वाहनों की गति पर ब्रेक लग गया है. लाइट जलाकर चलना पड़ रहा है. कुहासा के बीच पछुआ हवा से कनकनी बढ़ गयी है. लोग चौक-चौराहों पर अलाव जलाकर राहत महसूस कर रहे हैं. सुबह और शाम को बाजार व सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है.

बीमार पड़ रहे लोग, सतर्कता जरूरी:

ठंड का प्रकोप बढ़ने से बच्चे, बुजुर्ग, पशु व पक्षी भी ठिठुर रहे हैं. वहीं, लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. खासकर छोटे बच्चों में न्यूमोनिया, कोल्ड डायरिया, खांसी, सर्दी और बुखार का असर शुरू हो गया है. कनकनी के कारण बच्चे, बुजुर्ग और आम लोग घर में दुबके रहने को विवश रहे. लोग दिनभर पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढंक कर रख रहे हैं. रजाई से निकलने का मन नहीं कर रहे हैं.

घाटशिला : अलाव के नहीं मिल रहीं लकड़ियां

घाटशिला. घाटशिला में तापमान में गिरावट के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. फूलडुंगरी समेत आसपास के इलाकों में चौक-चौराहों पर लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. फूलडुंगरी क्षेत्र में कई टेंपो चालक और राहगीर सुबह से अलाव का सहारा लेते नजर आये. टेंपो चालकों ने बताया कि ठंड है, लेकिन अलाव के लिए पर्याप्त लकड़ी उपलब्ध नहीं है. क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन आरा मशीनें बंद हो चुकी हैं. इसके कारण लकड़ी की समस्या है. इधर-उधर से लकड़ी जुटानी पड़ रही है. घाटशिला अंचल कार्यालय के विभागीय अधिकारियों व कर्मियों ने बताया कि क्षेत्र की सभी लकड़ी आरा मशीनें बंद हैं. इसके बावजूद ठंड को देखते हुए हर चौक-चौराहे पर किसी तरह लकड़ी की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है. ठंड में जितनी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता है, उतनी उपलब्ध नहीं हो पा रही है. लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

घाटशिला प्रखंड में जिले से कंबल पहुंचा

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड कार्यालय के सभागार में शनिवार को जिला स्तर से कंबल की पहली खेप पहुंची. सुबह लगभग 9 बजे कंबल प्रखंड कार्यालय पहुंचा, जिसे सभागार भवन के प्रांगण में रखा गया है. हालांकि, शाम तक कंबल की संख्या की जानकारी नहीं मिली थी. इस संबंध में घाटशिला की बीडीओ यूनिका शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका. प्रखंड नाजिर शंकर माझी ने बताया कि कंबल प्राप्त हुआ है, लेकिन गणना नहीं की गयी है. जिला से और कंबल आने की संभावना है, उसके बाद पूरी जानकारी दी जा सकेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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