east singhbhum new: कीताडीह में जल संकट, आठ हजार लीटर की टंकी बनी ‘सफेद हाथी’

Published by : DEVENDRA KUMAR Updated At : 09 Apr 2025 12:23 AM

विज्ञापन

घाटशिला में बंद टंकियों और सूखे चापाकलों से जूझ रहे ग्रामीण

विज्ञापन

2000 की आबादी पानी के लिए परेशान, तालाब से पानी ढोने को विवश

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड की उत्तरी मऊभंडार पंचायत स्थित कीताडीह गांव के ग्रामीण इन दिनों जलसंकट से जूझ रहे हैं. लगभग दो हजार की आबादी वाले इस गांव में गर्मी बढ़ने के साथ ही पीने के पानी की समस्या विकराल होती जा रही है. हालत ऐसी है कि अधिकांश ग्रामीण तालाब के पानी पर निर्भर हैं, जबकि एक मात्र चालू सरकारी चापाकल से करीब 40 घर किसी तरह पानी की जरूरतें पूरी कर रहे हैं. गांव में जलापूर्ति व्यवस्था कभी बेहतर थी. करीब दस साल पहले जल स्वच्छता विभाग की ओर से 8 हजार लीटर क्षमता की एक बड़ी पानी टंकी लगायी गयी थी, जिससे लगभग सौ घरों तक नियमित जलापूर्ति होती थी, लेकिन कई वर्षों पहले टंकी की मोटर खराब हो गयी और उसके बाद से उसे दुरुस्त नहीं कराया गया. अब यह टंकी गांव के बीच खड़ी है, लेकिन उपयोग में नहीं आ रही. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि 8 हजार लीटर की टंकी अब एक सफेद हाथी बन चुकी है.

विभागीय अधिकारियों कभी सुध नहीं ली

गांव के शक्ति गिरि, राकेश माहकुड़, सुभाजीत महाकुड़, रोहित बेसरा, गणेश पात्र और अन्य ने बताया कि तीन वर्षों से यह टंकी बंद है, लेकिन विभागीय अधिकारियों या पंचायत प्रतिनिधियों ने कभी सुध नहीं ली. इतना ही नहीं गांव के एक अन्य हिस्से में दिकू हांसदा के घर के पास जल स्वच्छता विभाग द्वारा स्थापित 5 हजार लीटर की एक और जल टंकी पिछले एक माह से खराब है. इसके जरिये आस पास के लगभग 40 घरों को जलापूर्ति होती थी, लेकिन अब यहां भी पानी नहीं मिल रहा है. दिकू हांसदा, राजन कालिंदी, बुटन सिंह, मालती सिंह, हुरका सिंह और समीर माझी ने बताया कि लगातार जानकारी देने के बावजूद अभी तक कोई मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है.

तालाब बना सहारा

स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वे मजबूर होकर तालाब से पानी लाने को विवश हैं. इससे स्वच्छ पेयजल का संकट तो है ही, साथ ही बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि वे जल्द ही इस मामले को लेकर बीडीओ, जल स्वच्छता विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित शिकायत करेंगे. ग्रामीणों ने मांग की है कि बंद पड़ी पानी टंकियों की मरम्मत कर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाये, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

कुलियाना में जलमीनार का कार्य अधूरा, जल संकट गहराया

गालूडीह.

घाटशिला प्रखंड की बड़ाकुर्शी पंचायत के कुलियाना गांव के ग्रामीणों ने जलमीनार का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने का आरोप संवेदक पर लगाया है. जिससे लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. जलापूर्ति ठप है. ग्रामीणों ने कहा संवेदक ने जैसे-तैसे जलमीनार लगा कर छोड़ दिया है. न पाइप बिछाया और न ही नल लगाये गये हैं. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क के किनारे गड्ढा खोदा गया है और मिट्टी को सड़क के ऊपर ढेर बनाकर रख दिया गया है. छोटे-छोटे बच्चे और पशु गड्ढे में घुसकर गिर रहे हैं. निर्माण कार्य स्थल पर बोर्ड भी नहीं लगाया गया है.

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना से करीब साढ़े आठ लाख की लागत से जलमीनार लगायी गयी है. इस जलमीनार से घर-घर जलापूर्ति करने की योजना थी, लेकिन एक भी घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है. एक ओर भीषण गर्मी, तो दूसरी ओर जल संकट, ऐसे में लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. ग्रामीण संवेदकों के अलावा सरकार के अधिकारियों को भी कोस रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEVENDRA KUMAR

लेखक के बारे में

By DEVENDRA KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola