बिना बैंक व नेटवर्क वाले गांव कैसे बनेंगे कैशलेस

Published at :05 Dec 2016 5:02 AM (IST)
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बिना बैंक व नेटवर्क वाले गांव कैसे बनेंगे कैशलेस

घाटशिला को जिले का पहला कैशलेस प्रखंड बनाने की घोषणा प्रखंड के उत्तरी इलाके की झाटीझरना, बाघुडि़या, कालचिती, भादुआ, बांकी, आसना पंचायत में किसी भी कंपनी का नेटवर्क नहीं करता है काम गालूडीह : हैलो मैं मुख्यमंत्री रघुवर दास बोल रहा हूं. कैशलेस खरीदारी में ही समझदारी है….. युवाओं की जिम्मेवारी बढ़ गयी है……हर युवा […]

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घाटशिला को जिले का पहला कैशलेस प्रखंड बनाने की घोषणा

प्रखंड के उत्तरी इलाके की झाटीझरना, बाघुडि़या, कालचिती, भादुआ, बांकी, आसना पंचायत में किसी भी कंपनी का नेटवर्क नहीं करता है काम
गालूडीह : हैलो मैं मुख्यमंत्री रघुवर दास बोल रहा हूं. कैशलेस खरीदारी में ही समझदारी है….. युवाओं की जिम्मेवारी बढ़ गयी है……हर युवा 10 …….को मोबाइल का प्रशिक्षण दें. मुख्यमंत्री की उक्त बातें मोबाइल पर सुनायी दे रही हैं. मुख्यमंत्री ने झारखंड को कैशलेस राज्य बनाने की मुहिम तेज कर दी है. इसके तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला प्रखंड को जिला का पहला कैशलेस प्रखंड बनाने की प्रशासनिक घोषणा हो गयी है. हालांकि जमीन हकीकत कुछ और है.
नेटवर्क और बिना बैंक वाले प्रखंड के ग्रामीण इलाके भला कैसे कैशलेस बनेंगे. यह एक बड़ा सवाल है. घाटशिला प्रखंड की 22 पंचायतों में से उत्तरी इलाके की करीब छह बीहड़ पंचायतों में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता है. पश्चिम बंगाल सीमा से सटे साठ मौजा वाले दामपाड़ा क्षेत्र के हुलूंग में सिर्फ एक बैंक ऑफ बड़ौदा का शाखा कार्यालय है. अलबत्ता शहरी इलाके में बैंकों और एटीएम की भरमार है. ऐसे में प्रखंड का ग्रामीण इलाका कैशलेस कैसे बनेगा?
मोबाइल वृक्ष पर टांगकर रखते हैं ग्रामीण
बाघुड़िया में वृक्ष पर टंगा मोबाइल (लाल घेरे में).
पेड़ पर चढ़कर मोबाइल से करते हैं बात
प्रखंड की बाघुड़िया, झाटीझरना, कालचिती, भादुआ, आसना, बांकी पंचायत में नेटवर्क काम नहीं करता है. वैसे ग्रामीण जिनके पास मोबाइल है, अपने घर के बाहर वृक्षों पर मोबाइल टांग कर रखते हैं. रिंग होने पर वृक्ष पर चढ़ कर बात करते हैं. बाघुड़िया के सनातन टुडू अपने घर के बाहर वृक्ष में मोबाइल टांग कर रखा था. पूछने पर कहा कि घर के अंदर नेटवर्क काम नहीं करता है. रिंग आने पर वृक्ष पर चढ़ कर बात करते हैं. सनातन ने बताया कि इस पंचायत के मिर्गीटांड़, डुमकाकोचा, नरसिंहपुर, गुड़ाझोर,
हलुदबनी, पहाड़पुर आदि गांवों में नेटवर्क काम नहीं करता है. हाल में केशरपुर पिकेट के अंदर बीएसएनएल का टॉवर लगा है. बीएसएनएल कुछ गांव में काम करता है. अन्य मोबाइल कंपनी का नेटवर्क तो कुछ भी काम नहीं करता. बाघुड़िया के मुखिया हुडिंग सोरेन ने बताया कि इस पंचायत में नेटवर्क की गंभीर समस्या है. अधिकांश लोगों के पास मोबाइल नहीं है. बैंक भी समस्या है. ऐसे में कैशलेस का सपना साकार होने में काफी समय लगेगा. गांव के रामचंद्र किस्कू ने बताया कि घर में मोबाइल रखने के काम नहीं करता. वृक्ष में टांग कर रखने से टॉवर आता है और रिंग होता है. रिंग आने पर वृक्ष पर चढ़ कर बात करनी होती है. ऐसी समस्या अन्य कई गांवों में उत्तरी इलाके के पंचायतों में भी हैं.
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