भीषण गर्मी : बुधराईसाई से चमगादड़ों का पलायन 1978 में क्षेत्र में ऐसी ही सुखाड़ पड़ी थी

घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की भदुआ पंचायत के तेतलाकोचा और बुधराईसाई के इमली पेड़ों अपना डेरा जमाये चमगादड़ भी भीषण गर्मी के कारण यहां से अन्यत्र पलायन कर गये हैं. ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी से आसपास के जलाशय सूख गये हैं. इससे चमगादड़ों ने भी दूसरा स्थान चुन लिया है. बुधराईसाई और तेतलाकोचा के […]
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की भदुआ पंचायत के तेतलाकोचा और बुधराईसाई के इमली पेड़ों अपना डेरा जमाये चमगादड़ भी भीषण गर्मी के कारण यहां से अन्यत्र पलायन कर गये हैं. ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी से आसपास के जलाशय सूख गये हैं. इससे चमगादड़ों ने भी दूसरा स्थान चुन लिया है. बुधराईसाई और तेतलाकोचा के आसपास कुआं, तालाब सहित कहीं पर पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है. इससे चमगादड़ अन्यत्र चले गये हैं.
पंचायत के पूर्व मुखिया श्याम चंद मानकी ने बताया कि इस तरह सुखाड़ की स्थिति 1978 में हुई थी. 1978 में सरकार अनाज के बदले काम देने की योजना चलायी थी. इस योजना के तहत हर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों से काम कराया जाता था. काम के बदले अनाज दिया जाता था. सूखाड़ की स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने जंगल से लकड़ी काटने और बाजार में बेचने की छूट दी थी. लोगों को लकड़ी काटते नहीं पकड़ा जाता था. मनरेगा योजना में गरीब तबके के लोग काम करना नहीं चाहते हैं, क्योंकि मजदूरी उन्हें सही समय पर नहीं मिलती है. श्री मानकी ने कहा कि रोजगार के साधन नहीं होने से भदुआ पंचायत के कई बेरोजगार युवक भी अन्य राज्यों में रोजगार के लिए पलायन कर गये हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




