East Singhbhum News : मजदूरों को रोजगार नहीं मिला, तो होगा आंदोलन
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 19 Apr 2026 12:28 AM
कैंटीन के मजदूर पिछले 3 माह से और साइकिल-मोटरसाइकिल स्टैंड के मजदूर पिछले 2 माह से बेरोजगार हैं
जादूगोड़ा. यूसिल की नरवा पहाड़ माइंस क्षेत्र में रि-टेंडर प्रक्रिया में हो रहे विलंब ने ठेका मजदूरों की कमर तोड़ दी है. कई महीनों से बेरोजगार बैठे मजदूरों का गुस्सा फूटने लगा है. इसी समस्या को लेकर शनिवार को झारखंड ठेका मजदूर यूनियन ने सुमू कार्यालय के समक्ष बैठक की. रविवार को भी बैठक होगी. यूनियन पदाधिकारियों ने बैठक के दौरान पूर्व में हुए समझौतों की याद दिलायी. उन्होंने कहा कि 24 मार्च 2025 को धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में हुए समझौते के अनुसार, रि-टेंडर के दौरान मजदूरों को बेरोजगार नहीं रखा जाना था. तय हुआ था कि यदि मुख्य टेंडर में देरी होती है, तो कंपनी डीओपी-28 के तहत वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराएगी. कंपनी ने इन शर्तों को ताक पर रख दिया है. कैंटीन के मजदूर पिछले 3 माह से और साइकिल-मोटरसाइकिल स्टैंड के मजदूर पिछले 2 माह से बेरोजगार हैं. मजदूरों ने बताया कि काम बंद होने से उनके परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है. विशेष बात यह है कि इनमें से अधिकांश मजदूर विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों से आते हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह माइंस के काम पर टिकी है.
सोमवार को सीएमडी को सौंपा जायेगा ज्ञापन:
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समस्याओं के समाधान के लिए 20 अप्रैल को यूसिल जादूगोड़ा के सीएमडी को ज्ञापन सौंपा जायेगा. मजदूरों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि उनके रोजगार को लेकर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. बैठक में यूनियन अध्यक्ष सुधीर सोरेन, महासचिव विद्यासागर दास, फुलाई मारडी, बिशु बास्के, सुशील भूमिज, बुबाई नमाता, दुखू मुर्मू, अजीत हेंब्रम, लखी दास, समीर दास और बाबूराम सोरेन सहित सैकड़ों की संख्या में मजदूर शामिल हुए।प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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