पीएचडी घोटाले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी

Updated at : 31 May 2018 5:09 AM (IST)
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पीएचडी घोटाले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी

घाटशिला : कोल्हान विवि में कथित पीएचडी घोटाले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी की दूसरी बैठक बुधवार को चाईबासा स्थित विवि मुख्यालय में हुई. विवि की स्थापना के बाद से जांच के लिए लिये चली यह अब तक की सबसे लंबी बैठक रही. कमेटी करीब साढ़े ग्यारह बजे जांच के लिए बैठी […]

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घाटशिला : कोल्हान विवि में कथित पीएचडी घोटाले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी की दूसरी बैठक बुधवार को चाईबासा स्थित विवि मुख्यालय में हुई. विवि की स्थापना के बाद से जांच के लिए लिये चली यह अब तक की सबसे लंबी बैठक रही. कमेटी करीब साढ़े ग्यारह बजे जांच के लिए बैठी और लगभग साढ़े छह बजे बैठक समाप्त हुई. इस दौरान विवि के अलग-अलग विभागों के 21 विभागाध्यक्ष, चार संकायध्यक्ष से पीएचडी प्रक्रिया के मामले में पूछताछ की गयी. विभागाध्यक्षों से वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक के शोध प्रवेश परीक्षा से जुड़े तमाम कागजात लिये गये. साथ ही लिखित रूप से अलग-अलग विभागाध्यक्ष और संकायध्यक्ष का पक्ष लिया गया. कमेटी ने पीएचडी से जुड़े तमाम कागजात जब्त कर लिये.

बैठक में परीक्षा नियंत्रक डॉ. पीके पाणि भी शामिल हुए. उन्होंने बताया कि विवि की स्थापना से लेकर अब तक 50 शोधार्थियों का पीएचडी परिणाम प्रकाशित किया गया है. कमेटी ने तय किया है कि संबंधित जांच प्रक्रिया पूरी होने तक विवि में पीएचडी के लिए नया पंजीकरण नहीं किया जायेगा. वहीं कोर्स वर्क पूरा कर चुके छात्रों को परिणाम के लिए कुछ और दिन इंतजार करना होगा. कमेटी अलग-अलग विषयों में छात्रों का शोध निर्देशन कर रहे शिक्षकों से भी पूछताछ करेगी. साथ ही शोध कराने वाले शिक्षकों की योग्यता की भी जांच होगी.
कमेटी की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि अगले पंद्रह दिनों में इस मामले में संबंधित रिपोर्ट पेश कर दी जाये. इसके अलावा कमेटी कुलपति के मुख्यालय लौटने पर दूसरे चरण में जांच में हुई प्रगति से उन्हें अवगत करायेगी.
बैठक की अध्यक्षता कमेटी के चेयरमैन सह प्रतिकुलपति डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने किया. सिंडिकेट सदस्य राजेश कुमार शुक्ल बैठक में मौजूद रहे. पूर्व अधिष्ठाता, छात्र कल्याण की जगह नये डीएसडब्ल्यू डॉ. टीसीके रमन शामिल हुए. बैठक में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संस्कृत विभागाध्यक्ष मौजूद नहीं रहे.
परीक्षा नियंत्रक डॉ. पीके पाणि हुए शामिल, बताया विवि गठन के बाद अब तक 50 शोधार्थियों का परिणाम प्रकाशित
कमेटी अलग-अलग विषयों में छात्रों का शोध निर्देशन कर रहे शिक्षकों से भी करेगी पूछताछ, रिपोर्ट अगले पंद्रह दिनों में
विवि की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे लंबी बैठक, वीसी को दूसरे चरण की प्रगति से कराया जायेगा अवगत
पूर्व अधिष्ठाता, छात्र कल्याण की जगह नये डीएसडब्ल्यू हुए शामिल, संस्कृत विभागाध्यक्ष स्वास्थ्य कारणों से गैरहाजिर
रिपोर्ट प्रस्तुत होने तक विवि में नये शोध पंजीकरण पर रोक, कोर्स वर्क परिणाम के लिए कुछ और दिन करना होगा इंतजार
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