गुड़ाबांदा : आठ पंचायतों की 50 हजार की आबादी पर सिर्फ एक बैंक, एटीएम की भी नहीं है सुविधा

Updated at : 09 Jan 2018 5:44 AM (IST)
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गुड़ाबांदा : आठ पंचायतों की 50 हजार की आबादी पर सिर्फ एक बैंक, एटीएम की भी नहीं है सुविधा

गुड़ाबांदा : ओड़िशा सीमा से सटे नक्सल मुक्त गुड़ाबांदा प्रखंड में लचर बैंकिंग व्यवस्था आम लाेगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. प्रखंड के आठ पंचायतों की करीब 50 हजार की आबादी के लिए सिर्फ एक ही बैंक है. प्रखंडवासी आज भी एटीएम सुविधा से वंचित हैं. वहीं सूचना क्रांति के दौर में […]

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गुड़ाबांदा : ओड़िशा सीमा से सटे नक्सल मुक्त गुड़ाबांदा प्रखंड में लचर बैंकिंग व्यवस्था आम लाेगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. प्रखंड के आठ पंचायतों की करीब 50 हजार की आबादी के लिए सिर्फ एक ही बैंक है. प्रखंडवासी आज भी एटीएम सुविधा से वंचित हैं. वहीं सूचना क्रांति के दौर में इस प्रखंड क्षेत्र में नेटवर्क की घोर समस्या है.

ऐसे में सरकार की ऑनलाइन सुविधाअों व योजनाअों को अमली जामा पहनाना कठिन साबित हो रहा है. आम जनता परेशान है. प्रखंड के बनमाकड़ी तथा गुड़ाबांदा में बैंक खोलने की बात कागजों पर ही सिमट कर रह गयी है. इन दिनों देश और राज्य में ऑनलाइन कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है. तमाम सरकारी कार्यों के लिए भुगतान ऑनलाइन हो रहा है. मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान, वृद्धा पेंशन, पीएम आवास की अग्रिम राशि, शौचालय निर्माण की राशि लाभुकों को ऑनलाइन सिस्टम के तहत ही करना है. लेकिन इस प्रखंड के ज्वालकांटा में सिर्फ एक ही बैंक (बैंक ऑफ इंडिया) है. इस बैंक से गांवों की दूरी 15 किमी तक है.

एक बैंक होने के कारण लाभुकों को राशि के उठाव के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है. उक्त बैंक में अक्सर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रहती है. ऐसे में अक्सर दूर-दराज के लाभुकों को निराश होकर बैरंग लौटना पड़ता है. इस प्रखंड में शामिल बहरागोड़ा विस की सुवर्णरेखा नदी से सटे गांवों के लोग नाव से नदी पार कर बहरागोड़ा के गुहियापाल बैंक जाते हैं. वहीं ओड़िशा सीमा से सटे प्रखंड के गावों के लोग रुपये की निकासी के लिए ओड़िशा के बैंकों के एटीएम जाते हैं. बैंक के मसले पर बीडीओ हारून रसीद ने बताया कि कई माह पूर्व ब्लॉक ऑफिस में पंचायत जनप्रनिधियों की बैठक में एलडीएम ने बन माकड़ी में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा खोलने की बात कही थी. वहीं गुड़ाबांदा में भी को-ऑपरेटिव बैंक खोलने की पहल शुरू हुई थी. बैंक खोलने के लिए पांच डिसमिल जमीन भी चिह्नित की गयी थी. लेकिन मामला अधर में लटक गया. बीडीओ ने कहा कि सिर्फ एक बैंक होने से न सिर्फ लाभुकों को वरन सरकारी कार्यों के निष्पादन में भी परेशानी हो रही है. मसले पर बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में बैंक का खुलना जरूरी है.

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