वर्षापात में एकरूपता नहीं, खेत व किसानी पर हो रहा असर

गालूडीह : दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक विनोद कुमार ने कहा कि 2012 से 2017 तक हर वर्ष औसत से अधिक बारिश हो रही है. हालांकि वर्षा पात वितरण में एकरूपता नहीं है. ग्लोबल वार्मिंग, बादल की अस्थिरता, बादल का इकट्ठा नहीं होना, वायु की गति में लगातार बदलाव आदि कारण से औसत […]
गालूडीह : दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक विनोद कुमार ने कहा कि 2012 से 2017 तक हर वर्ष औसत से अधिक बारिश हो रही है. हालांकि वर्षा पात वितरण में एकरूपता नहीं है. ग्लोबल वार्मिंग, बादल की अस्थिरता, बादल का इकट्ठा नहीं होना, वायु की गति में लगातार बदलाव आदि कारण से औसत से अधिक वर्षा के बावजूद पर्यावरण में डिसबैलेंस उत्पन्न हो रहा है. कहीं अधिक वर्षा हो रही है, तो कहीं कम. किसी माह औसत से अधिक बारिश हो रही है, तो किसी माह काफी कम. इससे खेत और किसानी पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




