दुमका के तालाबों की स्थिति खराब, नहीं होती समय पर सफाई

तालाबों का अस्तित्व समाप्त होने चला है. दुमका शहर के बीचों-बीच स्थित बड़ाबांध तालाब में आये दिन कचरा डाला जाता है. तालाब में पूजा-पाठ के सामान के साथ त्योहार में बनी हुई प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी तालाब में किया जाता है.
प्रतिनिधि, दुमका नगर उपराजधानी दुमका के तालाबों की स्थिति दयनीय हो गयी है. तालाब के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है. समय पर सही ढंग से साफ-सफाई नहीं होने के कारण फैला हुआ कचरा तालाब में बहकर चला जाता है. इससे काफी बदबू आने लगती है. इसके अलावा तालाबों का पानी भी काफी ज्यादा गंदा हो चुका है. लोग तालाब में ही सारा कचरा डाल देते है. कुछ तालाबों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गयी है, समय पर सफाई भी नही हो पा रही है. इस कारण तालाबों का अस्तित्व समाप्त होने चला है. दुमका शहर के बीचों-बीच स्थित बड़ाबांध तालाब में आये दिन कचरा डाला जाता है. तालाब में पूजा-पाठ के सामान के साथ त्योहार में बनी हुई प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी तालाब में किया जाता है. पर समय पर सफाई नहीं हो पाती है. यहीं हाल रसिकपुर बड़ाबांध तालाब का भी है. यहां पर भी कचरों का ढेर देखा जाता है. समय पर सफाई नहीं हो पाती है. खुटाबांध तालाब पर भी सफाई नदारद रहती है. इसके सीढ़ी भी खराब हो चुकी है. इसके चारों ओर गंदगी फैली है. सारा कचरा इसी में डाल भी जाता है. सबसे खराब हाल तो राखाबानी शिव गोपाल मंदिर के पास स्थित तालाब की है. तालाब अब धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खो रहा है. तालाब में कचरे का ढेर लगा है. इस कारण इसका पानी बहुत ज्यादा खराब हो चुका है. इसकी सफाई भी नहीं हो पाती है. इस कारण इससे बदबू भी आती है. आसपास के लोगों का रहना भी मुश्किल होता है.
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