विभाग के रवैये पर बिफरे शिक्षक, शो-कॉज का जवाब नहीं देने पर अड़े

Updated at : 20 Jun 2024 10:32 PM (IST)
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विभाग के रवैये पर बिफरे शिक्षक, शो-कॉज का जवाब नहीं देने पर अड़े

शिक्षकों ने मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में दस फीसदी से ज्यादा अनुत्तीर्णता वाले स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापक व विषयवार शिक्षकों से शोकॉज पूछे जाने पर नाराजगी जतायी.

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दुमका. शिक्षक समन्वय समिति, झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ, प्लस टू शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षक संघ की संयुक्त बैठक आउटडोर स्टेडियकम में हुई. बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक संतोष कुमार ने की. शिक्षकों ने मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में दस फीसदी से ज्यादा अनुत्तीर्णता वाले स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापक व विषयवार शिक्षकों से शोकॉज पूछे जाने व विभागीय कार्रवाई के अधीन लाने की चेतावनी देने वाला पत्र डीइओ के स्तर से जारी किये जाने पर नाराजगी जतायी. कहा कि इस साल दुमका जिला का नब्बे प्रतिशत परीक्षाफल हुआ है. इसे किसी भी दृष्टिकोण से खराब नहीं कहा जा सकता है. खराब रिजल्ट के लिए जो पदाधिकारी नियम बनाते हैं, उनकी भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. बैठक में काशीनाथ महतो ने इसे विभाग का तानाशाही रवैया बताया. झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव निवास रजक ने प्रभारी प्रधानाध्यापक की विविध समस्याओं को रेखांकित करते हुए समाधान के विविध रास्ते को उल्लेखित किया. झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष बुलबुल कुमार ने कहा कि प्रधानाध्यापक से शत-प्रतिशत रिजल्ट मांगा जाना न्यायोचित नहीं है. पहले 2017 तक 40 परसेंट से नीचे रिजल्ट रहने वाले प्रधानाध्यापक को ही शो-कॉज किया जाता था. वह पुनः लागू होना चाहिए. क्योंकि शिक्षकों को शिक्षण के अलावा कई गैर शैक्षणिक कार्य भी करने पड़ते हैं, जिससे परीक्षाफल प्रभावित होते रहता है. झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के पवन मिश्रा ने मैट्रिक और इंटर के खराब रिजल्ट के प्रति सिर्फ शिक्षक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार ठहराने वाले कदम को अनुचित ठहराया और खराब रिजल्ट के लिए व्यापक समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया. प्लस टू शिक्षक संघ के अध्यक्ष विरेंद्र यादव ने संपूर्ण दुमका जिले के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को त्याग पत्र देने के निर्णय को सही ठहराया. बैठक में शिक्षक समन्वय समिति के संयुक्त मोर्चा ने मजबूती से विभाग के इन कदमों का विरोध किया और स्पष्टीकरण का जबाब न देने का निर्णय लिया. शिवाकांत त्रिपाठी ने खराब रिजल्ट को पुनर्परिभाषित करने की आवश्यकता पर बल दिया है. शिक्षक नेता रंधीर कुमार, मशगूल अंसारी, निलांबर साहा, बब्बन कुमार, बुलबुल कुमार, राकेश कुमार, विक्रम कुमार ने जोरदार आवाज के साथ शिक्षक एकता की आवश्यकता पर बल दिया. वरिष्ठ शिक्षक दिलीप झा, प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव राकेश कुमार ने भी अपने विचार रखे.

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