बनारस की तर्ज पर संध्या आरती होगी आकर्षण का केंद्र

Published by : RAKESH KUMAR Updated At : 14 Sep 2025 12:07 AM

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सार्वजनिक दुर्गा मंदिर काठीकुंड. सैकड़ों वर्षों से होती आ रही है देवी दुर्गा की पूजा

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काठीकुंड. दुर्गा पूजा प्रारंभ होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. काठीकुंड बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में इस बार भी भव्य आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है, जहां पूर्वजों द्वारा खपरैल का एक छोटा मंदिर बनाकर पूजा प्रारंभ की गयी थी. मूर्ति की स्थापना के साथ ही यहां दुर्गा पूजा का आयोजन शुरू हुआ, जो आज तक निरंतर परंपरा के रूप में जारी है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1977 में ग्रामवासियों के सहयोग से चंदा इकट्ठा कर मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया. समय के साथ मंदिर का स्वरूप और भव्य होता गया. मार्बल और टाइल्स से सुसज्जित यह मंदिर अब बेहद आकर्षक लगता है. पहले के समय में पूजा की सामग्री व साज-सज्जा के लिए लोगों को शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन आज गांव में ही सब कुछ सुलभ है. इस वर्ष का पूजा बजट लगभग 7 लाख रुपये निर्धारित किया गया है. प्रतिमा का निर्माण जिले के मुखड़ाल ग्राम के कारीगरों द्वारा किया जा रहा है. पूजा समिति के अनुसार, इस बार भी संध्या आरती बनारस से आए विद्वान पुरोहितों के दल द्वारा करायी जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए अद्वितीय और भक्तिमय अनुभव होगा. वहीं ढाक-ढोल की ताल पर महाआरती हर वर्ष की भांति इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहेगी. पूरे काठीकुंड बाजार को रंग-बिरंगी लाइटों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रखा जायेगा. महानवमी की रात भव्य जागरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए कलाकार भी भाग लेंगे.

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