ePaper

रथ : ढोल-नगाड़े के साथ निकली रथयात्रा, मसलिया में लगा मेला

Updated at : 27 Jun 2025 8:54 PM (IST)
विज्ञापन
रथ : ढोल-नगाड़े के साथ निकली रथयात्रा, मसलिया में लगा मेला

काठीकुंड प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गयी. भक्तिभाव और उल्लास से परिपूर्ण इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े. रथयात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर प्रांगण से हुई.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, काठीकुंड/दलाही काठीकुंड प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गयी. भक्तिभाव और उल्लास से परिपूर्ण इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े. रथयात्रा की शुरुआत स्थानीय मंदिर प्रांगण से हुई. यह पूरे काठीकुंड बाजार, मुख्य चौक, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख स्थानों का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुई. भक्तों ने परंपरागत ढोल-नगाड़ों, झाल-मंजीरों और जयकारों के साथ रथ खींचा. बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. रथ को खींचा. रथ के साथ चल रहे कीर्तन मंडलियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. रथयात्रा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है. स्थानीय लोगों के सहयोग से भव्य रूप में रथयात्रा आयोजित की जाती है. इधर, मसलिया के पश्चिमी क्षेत्र के गुमरो में राजपरिवार के सदस्यों द्वारा रथ को निकाला गया. भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा परंपरागत रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ निकली. वहीं मसलिया बाजार में मेला का आयोजन भी किया गया. भक्त जय जगन्नाथ के जयकारों के साथ भक्ति गीत और कीर्तनिया समेत रथ की को खींचते रहे. तिलाबाद, दलाही, मसलिया जैसे जगहों पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम की प्रतिमा के साथ लोगों में उल्लास देखा गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANAND JASWAL

लेखक के बारे में

By ANAND JASWAL

ANAND JASWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola