बाबू पाटोजोरिया में लगातार दूसरे दिन जारी रही मांझी परगना बैसी की बैठक

Updated at : 16 Oct 2024 11:17 PM (IST)
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बाबू पाटोजोरिया में लगातार दूसरे दिन जारी रही मांझी परगना बैसी की बैठक

बाबू पाटोजोरिया में लगातार दूसरे दिन वैसी की बैठक जारी

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रामगढ़. रामगढ़ की कोआम पंचायत के बाबु पाटोजोरिया में जमीन विवाद के हल के लियी बुलाई गई मांझी परगना बैसी की बैठक बुधवार को लगातार दूसरे दिन देर शाम तक जारी रही. बाबू पाटोजोरिया गांव में दो पक्षों के बीच चल रहे भूमि विवाद को समाप्त करने के लिए मंगलवार को मांझी परगना बैसी की बैठक बुलाई गई थी. मांझी परगना बैसी की बैठक दिसोम मांझी थान आर जाहेर थान, संताल परगना नामक संस्था ने मांझी परगना सरकार के तहत बुलाई थी. आयोजक संस्था द्वारा जारी पत्र के अनुसार मांझी परगना बैसी की बैठक बाबू पाटोजोरिया निवासी मेरी हेम्ब्रम पिता दिनेश हेम्ब्रम के आवेदन पर उसी गांव के ही निवासी चुडका हेम्ब्रम पिता छोटो हेम्ब्रम तथा बाबुराम हेम्ब्रम एवं रमेश हेम्ब्रम पिता गोरा हेम्ब्रम के विरुद्ध बुलाई गई थी. सुरक्षा के विचार से चुडका हेम्ब्रम, बाबुराम हेम्ब्रम तथा रमेश हेम्ब्रम ने अपने परिजनों के साथ पहले ही गांव छोड दिया था. उन लोगों के बैठक में शामिल न होने पर नाराजगी जताते हुए आयोजक संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा था कि उन्हें बैसी की बैठक में उपस्थित करना ग्राम प्रधान की जिम्मेवारी है. दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद बैसी की कार्रवाई मंगलवार को कई घंटों तक चली थी. अंधेरा हो जाने के कारण बैठक बगैर किसी नतीजे पर पहुंचे ही बुधवार के लिए स्थगित कर दी गई थी. बैठक के दूसरे दिन बुधवार को दूसरे पक्ष के चुड़का हेम्ब्रम, बाबूराम हेम्ब्रम एवं रमेश हेम्ब्रम बैठक में शामिल हुए थे. पहले दिन की बैठक में शामिल न होने के कारण आयोजकों ने दूसरे पक्ष के विरुद्ध कड़ी नाराजगी जताई. समाचार प्रेषित किए जाने तक मामले का पूरी तरह से निबटारा नहीं हुआ था. ग्रामीणों के अनुसार इसी मामले में 20 सितंबर 2011 को बुलाई गई मोडे मांझी की बैठक में प्रथम पक्ष की मेरी मुर्मू के पक्ष में निर्णय दिया गया था. उस निर्णय को इस बैठक में भी कायम रखा जाएगा. वर्ष 2011 में बुलाई गई मोडे मांझी की बैठक के निर्णय के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेने पर मांझी परगना बैसी के आयोजकों ने दूसरे पक्ष के लोगों के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जमीन विवाद का फैसला वे लोग बैसी की बैठक में ही करेंगे. पूर्व में दिए गए मोडे मांझी के निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाकर दूसरे पक्ष ने गलती की है. बैसी के आयोजन को देखते हुए बैसी की बैठक के पहले दिन मंगलवार को पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल एवं दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त थे. बैसी की बैठक के बुधवार को भी जारी रहने के बावजूद प्रशासन या पुलिस की कोई व्यवस्था बुधवार को आयोजन स्थल पर नहीं थी..

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