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आचार संहिता मामले में गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे साक्ष्य के अभाव में बरी, एक अन्य मामले में मिली जमानत

मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान में प्रचार के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के आरोप से जुड़ा है

दुमका कोर्ट. एमपी एमएलए के विशेष न्यायाधीश सह अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी ने गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान में प्रचार के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के आरोप से जुड़ा है. इस मामले में उनके विरुद्ध आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था. शनिवार को न्यायालय ने सांसद डॉ निशिकांत दुबे को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित एक अन्य मामले न्यायालय ने उनके जमानत की अर्जी को मंजूर करने के साथ पांच-पांच हजार के दो मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी गयी. अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी की अदालत में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित गोड्डा नगर थाना में दर्ज कांड संख्या 96/2019 (जी.आर.केस नंबर 112/2022)में शनिवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद गोड्डा के भाजपा सांसद डाॅ निशिकांत दुबे को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. सांसद दुबे की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार साह और सरकार की ओर से सहायक लोक अभियोजक ने बहस में हिस्सा लिया. बचाव पक्ष के अधिवक्ता से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान दिलीप कुमार साह नाम के एक व्यक्ति द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित गोड्डा के निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष दाखिल परिवाद पत्र के आलोक में गोड्डा के अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार शुक्ला के लिखित आवेदन पर 17 अप्रैल 2019 को गोड्डा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. भादवि की धारा 171(जी), लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123(3) और 125 के तहत गोड्डा के भाजपा प्रत्याशी सांसद निशिकांत दुबे को नामजद आरोपी बनाया गया था. दर्ज प्राथमिकी में गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने फेसबुक बाल पर महागठबंधन के प्रत्याशी सह पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव एवं कांग्रेस के नेताओं के विरुद्ध अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल कर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था. वहीं गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दूबे की ओर से देवघर जिले के कुंडा थाना कांड संख्या 89/2019 से संबंधित एक अन्य मामले में विशेष न्यायालय में आत्मसमर्पण सह जमानत की अर्जी दाखिल की गयी. न्यायालय ने दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद जमानत की अर्जी को मंजूर करने के साथ इस मामले में सांसद निशिकांत दुबे को पांच -पांच हजार के दो निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये. बचाव पक्ष के अधिवक्ता से मिली जानकारी के मुताबिक 2019 में लोकसभा चुनाव के क्रम में 15 मई 2019 को देवघर के कुंडा हवाई अड्डे पर आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अप्रासंगिक, अमर्यादित भाषा और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किये जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मद्देनजर तैनात अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह के लिखित आवेदन पर 17 मई 2019 को भादवि की धारा 171(ई),504 के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (3ए) और 125 के तहत कुंडा थाना में कांड संख्या 89/2019 दर्ज किया गया है. इसमें गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को नामजद आरोपी बनाया गया है.

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