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करमा पर्व: भाई-बहन के प्रेम और समृद्धि का उत्सव

Updated at : 03 Sep 2025 8:31 PM (IST)
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करमा पर्व: भाई-बहन के प्रेम और समृद्धि का उत्सव

दुमका जिले में करमा पर्व धूमधाम से मनाया गया, जिसमें प्रकृति उपासना, सुख, शांति और भाई-बहन के प्रेम की कामना की गई। महिलाएं उपवास रखकर करम राजा की पूजा करती हैं और करम डाली को फल-फूल, जौ, धान व बालू के साथ स्थापित कर नृत्य और गीतों के साथ उत्सव मनाती हैं। करमा भाई-बहन के प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है। मसलिया प्रखंड के रोहड़ा और गुमरो के लाल बहियार मैदान में करमा महोत्सव हुआ, जिसमें कई गांवों से लोग आए। विभिन्न करमा, झूमर गीतों और बालिका नृत्य प्रतियोगिताओं में कुशवेदिया, जगदीशपुर व रोहड़ा के समूहों ने बेहतर प्रदर्शन किया और विजेताओं को नगद पुरस्कार दिए गए।

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मोर भैया जियत लाखों बरीस, देहो-देहो करम गोसाई देहो आशीष हो..पर किया नृत्य प्रभात खबर टोली, दुमका. दुमका जिले के विभिन्न प्रखंडों में सुख, शांति, संपन्नता एवं भाई-बहन के प्रेम को समर्पित प्रकृति उपासना का पर्व करमा बुधवार को धूमधाम से मनाया गया. ग्रामीणों ने सुख और समृद्धि की कामना की. करम राजा की पूजा करने के लिए महिलाओं ने उपवास रखा था. करम डाली को स्थापित कर फल-फूल, जौ, धान और बालू के साथ पूजा-अर्चना की गयी. भाई द्वारा लाए गए करम वृक्ष की डाल को घर के आंगन में गाड़कर युवतियों ने पूजा किया. सुबह के समय इस डाली का विसर्जन किए जाने की परंपरा रही है. ग्रामीण रामचंद्र पंडित, सोनालाल आदि ने बताया कि झारखंड की सभ्यता-संस्कृति में प्रकृति प्रेम निहित है, जो हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और आदर को जागृत करती है. साथ ही करमा पूजा धन-लक्ष्मी के साथ-साथ भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है. इस पर्व को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य बहनों द्वारा भाइयों की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करना है. ग्रामीण क्षेत्रों में करम डाला के साथ महिलाओं व युवतियों ने सांस्कृतिक एवं सभ्यता के अनुरूप “आज रे करम गोसाई घारे द्वारे रे “, “मोर भैया जियत लाखों बरीस “, “देहो-देहो करम गोसाई देहो आशीष हो ” आदि जैसे गीतों पर नृत्य किया. मसलिया में भी करमा महोत्सव का दिखा उत्साह मसलिया प्रखंड के रोहड़ा करमा मैदान में बुधवार को करमा महोत्सव का आयोजन किया गया. वहीं गुमरो के लाल बहियार मैदान में भी करमा महोत्सव का आयोजन हुआ. इस उत्सव को युवा विकास समिति रोहड़ा-शिकारपुर द्वारा आयोजित किया गया. करमा महोत्सव में आसपास के कई गांवों से पुरुष एवं महिलाओं ने भाग लिया. करम मैदान के अखाड़ा में करम डाली रखकर महिलाओं ने करम गीतों पर विभिन्न प्रकार के नृत्य किए. साथ ही इस मौके पर करम गीत, झूमर गीत एवं बालिका ग्रुप डांस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. जिसमें करम गीत पर कुशवेदिया गांव प्रथम, जगदीशपुर गांव द्वितीय तथा शिकारपुर तृतीय स्थान पर रहे. झूमर गीत में जगदीशपुर प्रथम, गम्हरा द्वितीय तथा दुमका तृतीय स्थान पर रहे. बालिकाओं की ग्रुप डांस प्रतियोगिता में रोहड़ा की बालिकाओं ने प्रथम स्थान जबकि जगदीशपुर की बालिकाओं ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया. सभी विजेता प्रतिभागी टीमों को युवा विकास समिति की ओर से नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया गया. मौके पर डोमन सिंह, दिनहर राय, जयदेव राय, पांचू रजक, रामदेव सिंह, बहादुर राय, सुरेश सिंह, बसंत राय, मुन्ना राय, बबलू राय, पंकज राय, निवास राय, त्रिभुन सिंह, सुभाष राय, जयदेव राय सहित अनेक लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND JASWAL

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