ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना मुक्ति पाने का उपाय : मदनमोहन

श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा स्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी.
प्रतिनिधि, बासुकिनाथ जरमुंडी प्रखंड के बासुकिनाथ रेलवे स्टेशन के पास श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा स्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. कथा वाचक मदनमोहन शास्त्री ने श्रीव्यासदेव जी के श्लोकों के आधार पर ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में हुए पापों का प्रायश्चित और ईश्वर की आराधना ही मुक्ति का मार्ग है. उन्होंने कहा कि सत्संग व्यक्ति के जीवन को बदलने की शक्ति रखता है. कथा के दौरान कपिल, सती, ध्रुव, जड़ भरत, नृसिंह अवतार आदि प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया. शास्त्री ने निष्काम भक्ति, एकाग्रता और समर्पण को जीवन का आधार बताया. भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों पर भक्त भावविभोर होकर झूम उठे. कथा के साथ सुंदर झांकियां भी प्रस्तुत की गईं. यजमान रामानंद झा व उनकी धर्मपत्नी रूबी देवी कथा में शामिल रहे. कथा के सफल आयोजन में भागवत कथा समिति और ग्रामीण भक्तों की सक्रिय भूमिका रही.
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