समय पर आरोपपत्र न दायर करने से दहेज हत्या मामले में पिता-पुत्र को जमानत

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दहेज हत्या के एक संवेदनशील मामले में आरोपपत्र समय पर प्रस्तुत न किये जाने के कारण आरोपित पिता-पुत्र को जमानत पर रिहा कर दिया गया है. यह निर्णय सरैयाहाट थाना क्षेत्र के कुर्मा गांव में हुई 19 वर्षीय सरिता देवी की दुखद मृत्यु से जुड़े प्रकरण में दिया गया.

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प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट दहेज हत्या के एक संवेदनशील मामले में आरोपपत्र समय पर प्रस्तुत न किये जाने के कारण आरोपित पिता-पुत्र को जमानत पर रिहा कर दिया गया है. यह निर्णय सरैयाहाट थाना क्षेत्र के कुर्मा गांव में हुई 19 वर्षीय सरिता देवी की दुखद मृत्यु से जुड़े प्रकरण में दिया गया. सरिता देवी के परिवार ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त 2023 को आरोपी पिता-पुत्र नेपाली लायक और राजेश लायक ने सरिता पर हिंसक हमला किया था, जिसके कारण उसे गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी. एसडीजेएम मोहित चौधरी के न्यायालय में बचाव पक्ष के अधिवक्ता सोमा गुप्ता ने भारतीय दंड संहिता की धारा 167(2) का हवाला देते हुए जमानत की याचिका दायर की. उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस ने गिरफ्तार किए जाने के 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया, जिससे दोनों आरोपियों को इस तकनीकी आधार पर जमानत का लाभ मिलना चाहिए. न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकारते हुए दोनों आरोपियों को जमानत दे दी. मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (बी)/34 के अंतर्गत दर्ज किया गया था, जिसमें दहेज हत्या के आरोप तय किये गये थे. ऐसे मामलों में आरोपपत्र दायर करने की समय-सीमा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. कानून के तहत पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर आरोपपत्र प्रस्तुत करना होता है. लेकिन इस प्रकरण में सरैयाहाट थाना पुलिस द्वारा समयसीमा का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते दोनों आरोपियों को जमानत प्राप्त हो गयी. यह घटना 19 अगस्त 2023 को घटित हुई थी, जिसमें सरिता देवी को कथित रूप से उसके ससुर और पति पर बुरी तरह पीटने का आरोप था. अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी थी. इस आरोप के तहत पुलिस ने 9 अगस्त 2024 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. परंतु, जांच पूरी न होने के कारण समयसीमा में आरोपपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जो न्यायालय में अभियोजन पक्ष के लिए एक बड़ा अवरोध बन गया और अंततः आरोपियों की जमानत का आधार बना.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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